भोपाल: राज्य सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2022-23 में जल संसाधन विभाग को जल कर मद में कुल 716 करोड़ 55 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया है। इसमें पिछले वित्तीय वर्ष का वसूल न हो पाय राजस्व 168 करोड़ 84 लाख रुपये भी शामिल है।

जल संसाधन विभाग के 11 मुख्य अभियंता कार्यालयों को यह लक्ष्य दिया गया है। इसमें चंबल बेतवा कछार भोपाल को 226 करोड़ 16 लाख रुपये, गंगा कछार रीवा को 265 करोड़ 34 लाख रुपये, यमुना कछार ग्वालियर को 33 करोड़ 51 लाख रुपये, नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर को 18 करोड़ 81 लाख रुपये, जल संसाधन विभाग उज्जैन को 19 करोड़ 45 लाख रुपये, जल संसाधन विभाग होशंगाबाद को 41 करोड़ 75 लाख रुपये, राजघाट पहर परियोजना दतिया को 29 करोड़ 50 लाख रुपये, धसान केन कछार सागर को 22 करोड़ 43 लाख रुपये, वैनगंगा कछार सिवनी को 45 करोड़ 55 लाख रुपये, एमकेपीएमयू राजगढ़ को 10 करोड़ 81 लाख रुपये तथा एसएसपीएमयू इंदौर को 3 करोड़ 23 लाख रुपये वसूली का लक्ष्य दिया गया है।
उक्त सभी मुख्य अभियंता कार्यालयों को घरेलू प्रयोजन के लिये जल प्रदाय मद से 31 करोड़ 77 लाख 50 हजार रुपये, उद्योगों को जलापूर्ति से प्राप्ति मद से 355 करोड़ 93 लाख 20 हजार रुपये तथा पावर जनरेटिंग कंपनी से प्राप्ति मद में 160 करोड़ रुपये इस साल वसूलने होंगे।