पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ला गणेशन की डूरंड कप पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान फोटो खिंचवाने के लिये भारतीय करिश्माई फुटबॉलर सुनील छेत्री को पीछे किए जाने को लेकर पूरे देश में आलोचना हो रही है। बेंगलुरू एफसी ने रविवार को सॉल्ट लेक स्टेडियम में इंडियन सुपर लीग प्रतिद्वंद्वी मुंबई सिटी पर 2-1 की जीत दर्ज की जिससे टीम ने छेत्री की अगुआई में एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में पहली ट्रॉफी हासिल की जो 38 साल के भारतीय कप्तान के करियर का भी पहला डूरंड कप खिताब है।
लेकिन इस दौरान पुरस्कार वितरण समारोह विवादास्पद बन गया, जबकि राज्य खेल मंत्री अरूप बिस्वास की उपस्थिति में खिलाड़ी को ट्रॉफी सौंपी गयी और तभी गणेशन ने छेत्री को पीछे किया। दो महीने पहले ही राज्यपाल बने गणेशन को लगा कि वह फोटो खिंचवाने के लिए फ्रेम' में नहीं आ रहे हैं, तो उन्होंने छेत्री को पीछे किया और यह खिलाड़ी भी पीछे हो गया। चैंपियन बेंगलुरू एफसी या राज्यपाल के कार्यालय की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है लेकिन इस घटना की कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखी आलोचना की जा रही है।
And the prize for India’s biggest moron, goes to……..drum roll 🥁 ……the guy who pushes @chetrisunil11 out of the way to make sure he is in the photo (sorry I don’t know who you are and neither does anyone else!!!) pic.twitter.com/oJEcKTavWX
— Joe Morrison (@joefooty) September 18, 2022
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज से कमेंटेटर बने आकाश चोपड़ा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, "शर्मनाक।" कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व टीम निदेशक जॉय भट्टाचार्या ने लिखा, “इन पांच सेकेंड में आपको सब कुछ दिख गया कि भारतीय खेल में क्या गलत है। ऐसा लगता है कि उन्होंने डूरंड कप जीता है, सुनील छेत्री और बेंगलुरू एफसी ने नहीं।" छेत्री ने अपनी पत्नी सोनम के साथ ट्रॉफी के साथ फोटो लगाकर ट्वीट किया, "दो दशक का इंतजार थोड़ा ज्यादा है। लेकिन अगर यह बेंगलुरु क्लब के साथ ही होना था तो हर सत्र में किया गया प्रयास महत्वपूर्ण रहा।