शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल के कद्दावर मंत्री पार्थ चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षक भर्ती घोटाले में करीब 24 घंटे की पूछताछ के बाद शनिवार सुबह चटर्जी को गिरफ्तार किया गया। पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में ले लिया गया है। ED अब भी जांच में जुटी हुई है।

शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से ईडी को करीब 20 करोड़ नगद मिले थे। अर्पिता मुखर्जी के घर से 20 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। ईडी ने अर्पिता मुखर्जी के घर के अलावा और भी कई ठिकानों पर छापा मारा है। इस लिस्ट में मंत्री पार्थ चटर्जी, शिक्षा मंत्री माणिक भट्टाचार्य, आलोक कुमार सरकार, कल्याण मॉय गांगुली जैसे लोगों के नाम शामिल हैं। इन सभी का नाम बंगाल शिक्षा भर्ती घोटाले में आ चुका है। 

पार्थ चटर्जी फिलहाल पश्चिम बंगाल सरकार में कॉमर्स एंड इंडस्ट्री विभाग के मंत्री हैं। इससे पहले वो शिक्षा मंत्री थे। इसके साथ ही वो अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल के महासचिव भी हैं। 

अलग-अलग जगहों में तलाशी अभियान चला रहा है। फिलहाल इस पूरे विवाद से टीएमसी ने खुद को दूर कर लिया है। जो विवाद पार्टी और सरकार के लिए किरकिरी का सबब बन सकता है। इस  मुद्दे से बचने की जद्दोजहद शुरू.हो गयी है  लेकिन बंगाल में बीजेपी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। बीजेपी नेता शुभेंदू अधिकारी ने ट्वीट कर कहा कि अर्पिता मंत्री की करीबी हैं।