Manipur Violence: जातीय हिंसा की आग में दो महीने से ज्यादा समय से जल रहें मणिपुर से हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ. जिसमें एक ही समुदाय की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर पुरुषों की भीड़ कहीं लेकर जाती हुई दिख रही है. इस भीड़ में उनको ले जा रहे कई शख्स उनके निजी अंगों को छू रहे हैं. इस वीडियो के वायरल होने के बाद राज्य की भगवान भरोसे चल रही कानून व्यवस्था को लेकर ना सिर्फ विपक्ष बल्कि आम आदमी का भी गुस्सा फूट पड़ा. सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा कर लोग लगातार सीएम एन बीरेन सिंह से इस्तीफा की मांग रहे हैं.

देंखे लाइव-

Bharatiya Janata Party:

 

सड़क से लेकर संसद तक इस मामले की गूंज सुनाई दे रही है. संसद के मानसून सत्र में पहले दिन ही मणिपुर का मुद्दा गरमाया तो दोनों ही सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. इस घटना पर पूरा विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार को घेरने में जुट गया हैं. वहीं, बीजेपी की तरफ से रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस कर सभी सवालों के जवाब दिए.

मोदी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध-

रविशंकर प्रसाद ने कहा, हम पूरे आश्वासन और विश्वास के साथ दोहराना चाहेंगे कि मोदी सरकार भारत की महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. जो घटना मणिपुर की है वह दुर्भाग्यपूर्ण है, हम सभी आहत हैं. पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है, कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया है और महिलाओं की सुरक्षा के बारे में देश में जागृति फैलाने की बात की है.

मानसून सत्र का जिक्र करते हुए रविशंकर प्रसाद बोले, संसद के दोनों सदनों में हम इस पर बहस चाहते थे, क्योंकि ये हमारे लिए गंभीर विषय है. मोदी सरकार देश की बहन-बेटियों की इज्जत के बारे में बहुत ही गंभीर और संवेदनशील है. बीजेपी कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहती है कि संवेदनशील मुद्दों पर आपका दृष्टिकोण क्या है. क्या आप वास्तविक चर्चा चाहते हैं या आप चाहते हैं कि जिन नियमों के तहत चर्चा होगी, उन पर आपके अहंकार का असर हो?

सड़क से लेकर संसद तक गूंजी मणिपुर की घटना- 

रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, ये बहुत पीड़ा की बात है कि आज जब राज्यसभा में पीयूष गोयल और लोकसभा में प्रह्लाद जोशी ने साफ-साफ कहा था कि हम मणिपुर पर चर्चा करने को तैयार हैं, तो कांग्रेस और विपक्ष किस क्लॉज में चर्चा हो इस पर बहस कर रहे हैं. विपक्ष के लिए ​मणिपुर की घटना जरूरी नहीं है, क्लॉज जरूरी है.

दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामें पर रविशंकर प्रसाद बोले, बीजेपी कांग्रेस से पूछना चाहती है कि आप चाहते क्या हैं? संसद में सार्थक बहस चाहते हैं या रूल पर अपना EGO (इगो) चाहते हैं? कांग्रेस वाले हर सदन से पहले एक गुब्बारा छोड़ते हैं और फिर बहस से भाग जाते हैं. आप सभी को याद होगा, वो पेगासस की बात लेकर आए थे, सरकार की ओर से जवाब दिया गया, कहा- सुप्रीम कोर्ट से इन्क्वायरी होनी चाहिए और जब इन्क्वायरी हुई तो राहुल गांधी ने अपना ही फोन नहीं दिया. कांग्रेस के इन कुकृत्यों को याद किया जाना चाहिए.

बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा-

कांग्रेस को घेरते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा, जोधपुर की घटना पर सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी आप चुप क्यों हैं? जोधपुर जिले में चार लोगों के एक परिवार की हत्या कर दी गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया. इसमें महिलाएं भी शामिल थीं, हालांकि, प्रियंका और सोनिया गांधी की ओर से एक भी शब्द नहीं आया है. क्या सोनिया ने सीएम गहलोत को फोन किया?

उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस ने एक पैटर्न बना रखा है. हर सदन से पहले कोई चीज लेकर आना, फिर बहस नहीं होने देना, फिर बहस से भागना और फिर आरोप लगाना कि मोदी सरकार बहस नहीं करना चाहती है. ये पैटर्न देश को बताना जरूरी है. मणिुपर में जो हुआ वो शर्मनाक है, दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन अब स्थिति सामान्य है और पीएम मोदी ने बताया कि एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है.

मानसून सत्र से पहले अचानक वायरल हुए वीडियो पर रविशंकर प्रसाद बोले, मेरे मन में एक सवाल उठता है संदेहास्पद परिस्थितियों का कि आज हम जुलाई में हैं और मई के पहले सप्ताह की घटना एकाएक Twitter पर आ जाती है, सदन शुरू होने से पहले, ये क्या है?

सरकार कार्रवाई नहीं करेगी तो हम करेंगे- सुप्रीम कोर्ट 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तक ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए साफ़ तौर पर कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करेगी तो हम करेंगे. अब कोर्ट अगले हफ्ते शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करेगा. वहीं, संसद के मानसून सत्र से पहले मणिपुर घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मेरा मन क्रोध से भरा हुआ है. मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.