भोपाल. 2018 बैच के आईएफएस अफसर अनुपम शर्मा को 2 महीने में हटाने पर कई सीनियर अफसर ने अपने अपने व्हाट्सएप ग्रुप में तीखी आलोचना की है. साथ ही जंगल प्रोटेक्टेड युवा आईएफएस अधिकारी के मनोबल को बनाए रखने के लिए हौसला अफजाई भी की है. दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालय में सलाहकार की भूमिका निभाने वाले 1986 बैच के सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी ने कहा कि इससे तो यंग ऑफिसर जंगल बचाने में इंटरेस्ट नहीं लेंगे. वैसे तो विभाग के मुखिया को अनुपम शर्मा को प्रोटेक्ट करना चाहिए था.
राज्य में पहली बार नहीं हुआ जब किसी अधिकारी को तब हटाया गया हो जब वह जंगल को बचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया. बुरहानपुर से हटाए गए डीएफओ अनुपम शर्मा को नेताओं और माफिया नेक्सेस के साथ-साथ, आईएएस एवं आईपीएस के दबाव में अफसरों को हटाया जाता रहा है. उमरिया कलेक्टर का वन भूमि पर निर्माणाधीन बंगले को लेकर तत्कालीन कलेक्टर को नोटिस देने पर तत्कालीन महिला डीएफओ को हटाया गया था.
आईपीएस के दबाव में मुरैना में रेत माफिया के खिलाफ नकेल डालने वाली तत्कालीन मुरैना एसडीओ श्रद्धा पेंद्रे को अचानक हटा दिया गया था. इसी प्रकार शहडोल संभागायुक्त राजीव शर्मा की चिट्ठी पर युवा डीएफओ अधर गुप्ता को दक्षिण शहडोल वन मंडल से हटाया गया. इसके पहले 2000-01 में तत्कालीन सिवनी कलेक्टर मोहम्मद सुलेमान की सिफारिश पर पेंच नेशनल पार्क के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर शहबाज अहमद को हटाया गया था. तब पेंच नेशनल पार्क में चल रहे विकास कार्यों में तत्कालीन कलेक्टर हस्तक्षेप करना चाह रहे थे जिस पर तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर ने सख्त एतराज जताया था. हालांकि शहबाज अहमद को हटवाने में एक आईएफएस अधिकारी ने भी अहम भूमिका निभाई थी.
रिटायर्ड अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप में छाया मुद्दा
आईएफएस अफसरों के व्हाट्सएप ग्रुप पर अनुपम शर्मा के तबादले का मुद्दा छाया रहा. एक सीनियर अधिकारी ने अनुपम शर्मा के तबादले को वोटों की राजनीति से जोड़ दिया. उनका मानना है कि सरकार किसी की भी हो वे वोट बैंक के आगे अफसरों पर बलि चढ़ाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखते. दिल्ली में रहने वाले 86 बैच के सेवानिवृत्त आईएफएस का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन को मुख्य सचिव से मिलना चाहिए और उन्हें अवगत कराया जाए कि इस तबादले से कितना दूरगामी दुष्परिणाम निकलेगा. अपने बैच में वन बल प्रमुख आरके गुप्ता के लिए सुझाव दिया कि उन्हें अनुपम शर्मा को प्रोटेक्ट करना चाहिए था.