वेटरन एक्टर नसीरुद्दीन शाह की दूसरी पत्नी रत्ना पाटक शाह ने एक विवादित बयान दिया है, जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर उनको बुरी तरह से ट्रोल किया जा रहा है। रत्ना पाटक शाह ने कहा है कि-क्या ये अजीब नहीं है, मॉडर्न एजुकेटेड महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं करवाचौथ का व्रत रखती हैं?
रत्ना ने कहा कि हमारी सोसायटी इन दिनों पहले से भी ज़्यादा कंज़र्वेटिव होती जा रही है। लोग सुपरस्टीटियस हो गए हैं। किसी रिलिजियन को किसी की भी लाइफ का एक ज़रूरी भाग माना गया है, हमें धर्म को मानने और अपने जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अचानक से सब आपसे पूछने लगते हैं, करवाचौथ का व्रत नहीं कर रहे आप, रत्ना ने आगे बोलते हुए कहा कि 40 सालों में आज तक मुझे किसी ने नहीं पूछा पिछले साल पूछा गया।
मैं पागल हूँ क्या जो #KarwaChauth का व्रत करूँगी? बड़ी हैरानी होती है आजकल पढ़े लिखे लोग ऐसा करते हैं।
— Shubhankar Mishra (@shubhankrmishra) July 29, 2022
एक्टर नसीरुद्दीन शाह की दूसरी बीवी और एक्ट्रेस #RatnaPathakShah ने ‘करवा चौथ’ संग ज्योतिष-वास्तु का उड़ाया मजाक। सुने पूरा बयान। pic.twitter.com/4NaXz2BkXu
इस पर रत्ना ने कहा-‘पागल हूं मैं? क्या ये अजीब नहीं है, मॉडर्न एजुकेटेड महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं करवा चौथ का व्रत रखती हैं?’.
रत्ना ने आगे कहा कि भारतीय समाज में एक विधवा की स्थिति बहुत ही डरावनी होती है। तो कुछ भी ऐसा है, जो मुझे विधवापन से दूर रखता है। क्या वास्तव में 21 वीं सदी में हम इस तरह से बात कर रहे हैं। पढ़ी-लिखी महिलाएं ऐसा कर रही हैं?”
रत्ना ने अपने बयान में ये भी कहा था, कि भारतीय सिविलाइजेशन सऊदी अरेबिया की तरह होता जा रहा है, इस पर एक्सप्लेनेशन देते हुए रत्ना ने कहा कि सोच के मामले में भारत सऊदी की तरह होता जा रहा है, वैसे तो दोनों बहुत ही अलग-अलग सिविलाइजेशन हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा समाज बेहद रूढ़िवादी होता जा रहा है। मैं इसे बहुत दृढ़ता से महसूस करती हूं।
रत्ना ने को अपने बयान पर खरी खोटी सुनना पड़ रही हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि करवाचौथ रखना न रखना हमारी अपनी मर्जी है, इसे हमने खुद चुना है, कभी-कभी तो पति भी अपनी पत्नि के लिए व्रत रखता है। रत्ना का बयान लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कहा जा रहा है जिसके चलते उन्हें विरोध का सामना करना पड़ रहा है।