राघवेंद्र सिंह
अपने पहले मुख्यमंत्री काल में मामा शिवराज सिंह ने कहा था प्रदेश में डकैत रहेंगे या मैं रहूंगा। इसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर किए और राज्य चंबल के डकैतों से तो लगभग मुक्त है। लेकिन पाखंडी और ढोंगी बाबाओं के साथ मध्यप्रदेश आतंकियों की पसंद बना हुआ है। इसके साथ कानून व्यवस्था में ढीलापन मामा के गुस्से की वजह बना हुआ है।
रीवा की एक सभा में मामा ने एक कन्या से सामूहिक बलात्कार करने वाले पाखंडी बाबा और उसके मददगारों पर कठोर एक्शन लेने के साथ उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाने के निर्देश देकर अपने तेवर बता दिए थे। इसके पहले भी इन्दौर,उज्जैन, भोपाल के बाद अब विंध्य में भी कुकर्मियों और देश द्रोह में लगे आरोपियों की संपत्ति नेस्तनाबूद की जा रही है।
लेकिन मामा को इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि गैरकानूनी निर्माण और काम कराने में मदद करने अफसरों पर भी कठोर कार्रवाई का बुलडोजर चले। मामा को गुस्सा इसलिए भी रहा होगा क्योंकि वे प्रदेश को अपना मंदिर और यहां की जनता को अपना भगवान और खुद को उनका पुजारी बताते हैं। कन्या उनकी भांजी और बेटियां उनकी बहन हैं। कन्या उत्सव के रूप में नवरात्रि उत्सव भी चल रहा है। उम्मीद है कि मामा का गुस्सा और उनका बुलडोजर आगे भी बदस्तूर जारी रहेगा।
रीवा में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के सख्त तेवर----
मंच से ही निर्देश
- राजनिवास दुष्कर्म काण्ड से जुड़े सभी अपराधियों को जमींदोज कर देने के सख्त निर्देश
- चाहे कोई भी हो हमारी बेटियों पर बुरी नजर उठाएगा बख्शा नहीं जाएगा
-पता लगाकर बताएं अपराधी के नाम राजनिवास किसके कहने पर किसने आवंटित किया, उसे भी हम नहीं छोड़ेंगे..।
भोपाल से पिछले महीनों में एक बांग्लादेशी गिरोह पकड़ा गया जिसके बाद जयपुर में सीरियल विस्फोट करने वाला आतंकवादियों का एक और गिरोह पकड़ा गया । इसके तार भी मध्य प्रदेश के रतलाम शहर से जुड़े मिले हैं कानून व्यवस्था को लेकर देशभर में बहुत सतर्कता बरती जा रही थी है ऐसे में बार-बार प्रदेश से आतंकी संगठनों के तार जोड़ना राज्य सरकार और गृह मंत्रालय के लिए चिंता का विषय है। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर बाबा के रूप में मुख्यमंत्री के तौर पर दूसरी बार वापसी करने वाले योगी आदित्यनाथ के बाद गुंडा तत्वों पर मप्र में मामा के बुलडोजर चलना राज्य को चर्चा में ला रहा है।
अरविंद जी लटका दीजिए ऐसे अफसरों को...
मध्य प्रदेश सहकारिता विभाग और शीर्ष संस्था अपेक्स बैंक के जितने ग्राहक हैं उतने ही किस्से मान लीजिए।
इन दिनों युवा और तेजतर्रार सहकारिता विभाग के मंत्री अरविंद भदोरिया के लिए अपेक्स बैंक से जुड़े करीब 35 लाख किसानों के लिए एटीएम कार्ड और सेविंग अकाउंट की सेवा और सुविधा बनाए रखना प्रतिष्ठा के साथ चुनौती का कारण बना हुआ है। दरअसल 31 मार्च 2022 टीसीएस कंपनी से प्रदेश सहकारिता विभाग का पेटीएम कार्ड एटीएम कार्ड और सेविंग के संचालन का अनुबंध समाप्त हो गया है प्रदेश में 23 लाख किसान सहकारिता बैंक के पेटीएम पेटीएम का उपयोग करते हैं और 12 लाख किसान सहकारी बैंकों में सेविंग अकाउंट खोले हुए हैं। सहकारिता विभाग से टीसीएस की तकनीकी सेवा का अनुबंध समाप्त होने के बाद अपेक्स बैंक के सामने जहां आर्थिक संकट पैदा हो गया है वही उसके खातेदार और एटीएम धारक भी मुश्किल में पड़ गए।
किसानों के लिए एटीएम कार्ड और सेविंग अकाउंट जैसी सुविधाएं देने के लिए नबार्ड प्रदेश के सहकारिता विभाग को आर्थिक सहयोग भी करता है।लेकिन ये सेवाएं बंद होने से नबार्ड से मिलने वाला सहयोग अधर में लटक सकता है साथ ही प्रदेश की सरकार की किसान हितेषी छवि पर भी धब्बा लग सकता है। टीसीएस से अनुबंध खत्म होने के पहले समय रहते कार्यवाही नही करने का अपराध करने वाले जिम्मेदार अफसरों पर मंत्री श्री भदौरिया को कठोर निर्णय करना चाहिए। वैसे भी मंत्री जी त्वरित कार्रवाई के पक्षधर रहे हैं।
जूनियर सिंधिया की इनिंग शुरू
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चिरंजीवी और सिंधिया राजघराने के युवराज महाआर्यमन सिंधिया की राजनीतिक पारी शुरू हो गई है। इसके लिए टीम बनी ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन। युवराज महाआर्यमन को एसोसिएशन का उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके लिए टीम और पिच दोनो ही ग्वालियर की चुनी गई हैं। स्वर्गीय माधवराव सिंधिया के विश्वसनीय अफसर आईएस रहे प्रशांत मेहता डिवीजन के अध्यक्ष बनाए गए हैं। अर्थात मेहता की निगहबानी में युवराज सियासत के चौके- छक्के लगाने के साथ आउट करना भी सीखेंगे।ज्योतिरादित्य सिंधिया भी एमपीसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं। स्व माधवराव सिंधिया तो बीसीसीआई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।