अक्सर कई चीजें हमें हमारी जिम्मेदारियों का अहसास करा देती है. उम्र चाहे कुछ भी हो लेकिन परिस्थितियां देख हम असल स्थिति से रूबरू हो ही जाते हैं. काफ़ी कम उम्र के लड़के ने घर की परिस्थितियों को समझकर मौजूदा स्थिति को देखते हुए वह कदम उठाया जिसकी हम कभी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं.
जी हां.! केरल से, करीब 16 वर्षीय लड़के का ठीक एक ऐसा ही मामला सामने आया है. घर की आर्थिक तंगी को देख लड़के ने वह कदम उठाया जिसकी कल्पना आप और हम अभी कर भी नहीं सकते.
परिवार की मौजूदा कठिनाइयों को देख कोझिकोड के इस 16 वर्षीय लड़के ने घर से निकलकर सीधे सीएम आवास का रुख़ किया. अक्सर आम आदमी को सीधे सीएम से मिलने का मौका बहुत ही कम मिल पाता हैं. शायद इसीलिए एक कहावत काफ़ी मशहूर है कि “सरकार और सरकारी कामकाज के चक्कर में चप्पल तक घिस जाती हैं”.
लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग है. केरल के सीएम पिनाराई विजयन से मिलने के लिए इस लड़के ने जो कुछ किया वह अब सुर्खियों में हैं. जानकारी के अनुसार, देवानंदन अपने परिवार पर आये आर्थिक संकट से काफ़ी परेशान चल रहे थे क्योंकि परिवार ने एक कंपनी से कर्ज लिया था और अब वह कंपनी परिवार को परेशान कर रही थी.
इससे परेशान होकर देवानंदन अपने माता-पिता को बताए बिना अकेले सीएम से मिलने के लिए घर से रवाना हो गए. सीएम आवास पहुंचकर उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से बात की और अपनी समस्या बताई, साथ ही सीएम से मिलने का अनुरोध किया.
मुलाकात से पहले सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसकी तलाशी ली गई. इसी के साथ पुलिस टीम ने उसके खाने का इंतजाम किया और उसके पिता को इसकी सूचना दी. रविवार सुबह लड़के के पिता तिरुवनंतपुरम सीएम आवास पर पहुंचे. वहीं पुलिस ने इसकी सूचना सीएम कार्यालय को दी.
जिसके बाद खुद सीएम ने देवानंदन और उनके पिता दोनों को मिलने के लिए बुलाया. लड़के की बात सुनने के बाद सीएम ने मदद का भरोसा दिया. साथ ही अभिभावकों को बिना बताए घर से बाहर न निकलने की सलाह दी.
खेर..! लड़के के इस कदम ने वह काम कर दिखाया जो शायद उसके घर रहते हुए संभव नहीं था. बच्चे के इस कदम से परिवार को हौसला और सहायता दोनों सरकारी से मिला. जिससे परिवार पर आया संकट खत्म तो नहीं पर कम जरुर हुआ.