कांग्रेस का अगला अध्यक्ष कौन होगा, इस पर सस्पेंस अभी बरकरार है, लेकिन कुछ ही दिनों में इस बात से पर्दा भी उठ जाएगा और सस्पेंस भी खत्म हो जाएगा लेकिन एक बात जो अब तक साफ हो चली है, वो ये कि राहुल गांधी के चुनाव लड़ने की उम्मीदें कम ही नजर आ रही हैं।
हालांकि सात राज्यों में कांग्रेस इकाई की ओर से राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए प्रस्ताव तक पारित किया जा चुका है। जिनमें महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू-कश्मीर और तमिलनाडु राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ राज्यों की कांग्रेस इकाई के नाम शामिल हैं। ऐसे में अब ये तो तय हो चला है, कि कांग्रेस का नया अध्यक्ष गैर गांधी होगा। 24 साल में ये पहला मौका होगा, जब कांग्रेस का अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष पद की चुनावी रेस में राहुल गांधी के आउट होने के बाद अशोक गहलोत और शशि थरूर के बीच ही मुकाबला होना लगभग तय मना जा रहा है। खबरें ये भी आई थी कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद अशोक गहलोत को कांग्रेस पार्टी की जिम्मेदारी संभालने की पेशकश की थी। शशि थरूर भी इस सिलसिले में सोमवार को सोनिया गांधी से मुलाकात भी कर चुके हैं।
गहलोत की राह में 'एक व्यक्ति-एक पद' का फार्मूला मुश्किलें पैदा करता दिख रहा है। अशोक गहलोत अब तक राजस्थान का मुख्यमंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं दिख रहे। अगर उन्हें यह पद छोड़ना भी पड़ा तो वे अपने किसी समर्थक को ही इस पद पर देखना चाहते हैं।
अगर ऐसा होता है तो सचिन पायलट की नाराजगी से पूरे राज्य के समीकरण बदल सकते हैं। इसलिए कांग्रेस आलाकमान भी सचिन पायलट को लेकर गंभीर है। सचिन पायलट इस समय राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हैं। यह माना जा रहा है कि राहुल गांधी के सामने वे अपना पक्ष रखने में कामयाब होते हैं तो फिर राजस्थान में अशोक गहलोत की मंशाओं पर पानी फिर सकता है।