महाराष्ट्र में उद्धव सरकार संकट में है तो वहीं इस बीच संजय राउत का बड़ा बयान सामने आया है। संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे के पास 26 विधायकों का समर्थन नहीं है। शिंदे के पास सिर्फ़ 17 से 18 विधायक हो सकते हैं।

संजय राउत बोले, अगर बीजेपी "ऑपरेशन लोटस" करना चाहती है, तो हम उन्हें महाराष्ट्र में इसे करने की चुनौती देते है। हमारे 4 विधायक गुजरात से आना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। हमने एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है।

वहीं, संजय राउत ने दावा किया कि बैठक में कुल 33 विधायक थे और 7 से 8 विधायक शामिल नहीं हो सके। अगर मुंबई पुलिस सूरत जा सकती है तो सभी विधायक वापस आ सकते हैं।

विधायकों की जान जोखिम में..!

संजय राउत ने मीडिया से चर्चा में बताया कि सूरत में हिरासत में लिए गए हमारे विधायकों का कहना है कि हमारी जान को खतरा है, जो लोकतंत्र के लिए भी बड़ा खतरा है। एकनाथ शिंदे हमारे दोस्त और सहयोगी है। पार्टी ने उन्हें सब कुछ दिया। अगर वह पार्टी में नहीं होते, तो उन्हें कौन जानता? बाला साहब के जाने के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने एकनाथ शिंदे को दो बार मंत्री बनाया।

संजय राउत ने नाम लेकर बताया कि एकनाथ शिंदे के साथ कौन से मंत्री गए हैं। संदीपन भुमरे, अब्दुल सत्तार और देसाई  उनके साथ गए हैं। राउत ने कहा, भाजपा ने कई बार हमारा अपमान किया। तो हम उन तक कैसे पहुंचे? अभी हम नाराज नेताओं को समझा रहे हैं, लेकिन इस पर एक्शन लिया जायेगा। अगर भाजपा को लगता है कि वह ऑपरेशन लोटस में सफल हो जाएगी, तो यह उसकी ग़लतफ़हमी है।