भोपाल। प्रदेश के जबलपुर सहित आठ शहरों में भी नगर वन बनाये जायेंगे। इसके लिये प्रस्ताव तैयार हो गया है तथा केंद्र सरकार से इसके लिये बजट मांगा जायेगा।
जबलपुर शहर के पूर्व में 50 हैक्टेयर में नगर वन बनाया जायेगा जबकि सतना शहर में 23.41 हैक्टेयर में सिटी फारेस्ट तैयार किया जायेगा। इसी प्रकार, भोपाल शहर के शाहपुरा, दक्षिण सागर, देवास, रतलाम, सिंगरौली एव कटनी के मुड़वारा में नगर वन बनाये जायेंगे। प्रदेश में फिलहाल दो शहरों भोपाल के चंदनपुरा एवं ग्वालियर में नगर वन बनाये जा रहें हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर वन बनाने की स्कीम केंद्र सरकार ने स्वीकृत की है तथा भोपाल स्थित वन मुख्यालय की ग्रीन इण्डिया मिशन इकाई इन्हें तैयार कर रही है। इस स्कीम के तहत ग्रीन इण्डिया मिशन ख्यनित स्थल पर नगर वन की फेन्सिंग करके देगा तथा स्थानीय नगरीय निकाय इसमें पौधरोपण करेगा, पाथ वे बनायेगा तथा बैठने के स्थान आदि निर्मित करेगा। नगर वन योजना का उद्देश्य ऐसा हरा-भरा स्थान तैयार करना है जहां शहर के लोग भ्रमण हेतु आ-जा सकें तथा ताजी हवा का सेवन कर सकें।
नगर वन बनाने की गाईडलाईन्स भी जारी हुई हैं जिसमें यह सिर्फ नगर निगम वाले क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि नगर पालिका क्षेत्रों में भी बनाये जा सकेंगे। यह नगर वन स्थानीय नगरीय निकाय की पांच किलोमीटर की परिधि में होना चाहिये। इस स्कीम में केंद्र सरकार फेन्सिंग हेतु शत प्रतिशत धनराशि उपलब्ध कराता है तथा स्थानीय नगरीय निकाय को पौध रोपण एवं अन्य सुविधायें विकसित करने की जिम्मेदारी दी जाती है। एक नगर वन के लिये अधिकतम अनुदान दो करोड़ रुपये या 4 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर हो सकेगा।
भोपाल के चंदनपुरा में बनाये जा रहे नगर वन का पिछले दिनों वन्यप्राणी विंग की शाखा के अधिकारी रजनीश कुमार सिंह ने भी निरीक्षण किया क्योंकि इससे समीपस्थ रातापनी अभ्यारण्य से आने वाले बाघों की आवाजाही रुकने की शिकायतें थीं। लेकिन निरीक्षण में नगर वन का स्थान सही पाया गया है।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि मप्र में वन आवरण लगभग 30 प्रतिशत है तथा वनों के बाहर हरियाली लाकर इसे 33 प्रतिशत किये जाने का लक्ष्य है, जिसके लिये नगर वन स्कीम लाई गई है। अर्बन बाडीज को हरियाली बढ़ाने के लिये वाटिका निर्माण की योजना दी गई है।