भोपाल: कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद एक बार फिर विधायक आदिवासी नेता एवं पूर्व मंत्री उमंग सिंघार का कद प्रदेश की राजनीति में ओर बढ़ गया है. पार्टी हाईकमान ने उमंग सिंघार को कर्नाटक चुनावो में ऑब्जर्वर बनाकर भेजा था. सिंघार ने करीब 20 दिन तक वहां रहकर चुनावी प्रचार कर बूथ मैनेजमेंट का काम किया था.
इसके पहले भी पूर्व मंत्री उमंग सिंघार को झारखंड और हिमाचल प्रदेश में टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रचार तक की जिम्मेदारी सौंपी थी, वहां भी सिंघार हाईकमान की अपेक्षाओं पर खरे उतरे थे. झारखंड में कांग्रेस की सत्ता में भागीदारी है. जबकि हिमाचल प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनी है.
धार जिले की गंधवानी विधानसभा से लगातार तीसरी मर्तबा विधायक बने उमंग सिंघार को कांग्रेस हाई कमान राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा की कोर टीम का हिस्सा माना जाता है. वे प्रदेश की कांग्रेस की राजनीति में एक बड़े आदिवासी युवा चेहरे के रूप में युवाओं के बीच लोकप्रिय भी है.
उमंग सिंघार को राष्ट्रीय कांग्रेस का सचिव भी बनाया गया. दिलचस्प पहलू यह है कि प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ दबंग आदिवासी नेता उमंग सिंगार का भला भले ही राजनीतिक उपयोग न कर रहे हो किंतु दिल्ली की राजनीति में उमंग सिंघार की पूछ-परख एमपी के अन्य नेताओं से अधिक है.
बजरंगबली की कृपा से जीती कांग्रेस
कर्नाटक में जीत पर आदिवासी नेता उमंग सिंघार ने कहा कि कर्नाटक में बजरंग दल हारा है. बजरंगबली की कृपा से कांग्रेस को बड़ा बहुमत मिला है और यह विकास की जीत है. विधायक उमंग सिंघार ने कहा, जितनी मेहनत राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे ने की है, आज उसी का परिणाम है कि हिमाचल के बाद अब कर्नाटक में कांग्रेस को सफलता मिली. अब मध्यप्रदेश में राहुल गांधी का प्रियंका वाड्रा गांधी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में कांग्रेस चुनाव लड़ेगी और विजय का परचम फहराएंगी.