भोपाल. आमजन को अंत्येष्टि के लकड़ी प्रदाय करने वाले वन विभाग ने अपने ही वनकर्मी की अंत्येष्टि के लिए लकड़ी देने से इनकार कर दिया. आरा मशीन से लकड़ी बुलवाकर हार्ट अटैक से दिवंगत वन कर्मी संतोष रैकवार की अंत्येष्टि की गई. इस घटना के विरोध में छतरपुर वन मंडल में 3 दिन से हड़ताल चल रही है. मामले को शांत करने के लिए वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक महेंद्र सिंह धाकड़ को छतरपुर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं.

दिवंगत वन कर्मी संतोष रैकवार के परिजनों का आरोप है कि डीएफओ छतरपुर अनुराग कुमार की कथित प्रताड़ना से उनका बस में आए हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया. रैकवार के परिजनों के अनुसार डीएफओ छतरपुर ने  ब्लड प्रेशर और हृदय की बीमारी से जूझ रहे संतोष रैकवार का तबादला छतरपुर से 70 किलोमीटर दूर बड़ा मलहरा के जसगवां बीट कर दिया था. संतोष रैकवार ने ज्वाइन भी कर लिया किंतु जब उन्हें हार्ट और ब्लड प्रेशर बीमारी के कारण शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगी तो फरवरी 21 में डीएफओ को मेडिकल ग्राउंड के आधार पर तबादला छतरपुर किए जाने का निवेदन किया. इस आवेदन के साथ संतोष रैकवार की मुसीबतें बढ़ने लगी.

नोटिस पर नोटिस जारी होने लगे
तबादला निरस्त करने के आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं हुई. डीएफओ छतरपुर की ओर से संतोष कुमार को एक के बाद एक 4  कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वसूली के फरमान जारी कर दिए गए. करीब 60,000 से अधिक  की वसूली संतोष रैकवार पर निकाली गई थी. इसके साथ ही डीएफओ ने 2 वेतन वृद्धि रोकने के भी फरमान जारी कर दिए गए. नोटिस मिलने के बाद रैकवार की हालत और बिगड़ने लगी. 20 जनवरी 22 को हालत बिगड़ने पर बड़ा मलहरा बीट जसगवां से इलाज के लिए छतरपुर बस से आ रहे रैकवार का निधन हो गया. इस घटना के बाद छतरपुर वन कर्मियों में आक्रोश फूटा. डीएफओ के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है.

डीएफओ के खिलाफ क्यों भड़का असंतोष?
 - वन सुरक्षा एवं कार्यालय पर लापरवाही के आरोप में 15 वन कर्मियों को निलंबित करना.
- वन अपराध क्रमांक 193 में 410384 रुपए की वसूली का नोटिस जारी करना.
- वन अपराध क्रमांक 317 में 487786 रुपए की वसूली संबंधित नोटिस जारी करना.
- वन अपराध क्रमांक 1348 मैं ₹500 से कम की हानि हुई थी उसे खारिज कर 317196 रुपए की वसूली के नोटिस जारी करना.
 

अंत्येष्टि के लिए लकड़ी पर क्या कहते हैं कर्मचारी
 "दिवंगत बीट गार्ड संतोष रैकवार की अंत्येष्टि के लिए डिपो इंचार्ज एसपी बुंदेला ने 5 कुंटल लकड़ी देने से मना कर दिया. आरा मशीन से लकड़ी खरीद कर उसकी अंत्येष्टि की गई."
 *रेंजर छतरपुर विनोद अवस्थी

" ये आरोप गलत है. मैंने रात में उनके घर पर लकड़ी भिजवाई. अंत्येष्टि के लिए लकड़ी लोड करा रहा था तभी एसडीओ के ड्राइवर गुड्डा ( ब्रजकिशोर रैकवार) ने कहा कि हमने आरा मशीन से लकड़ी मंगवा ली है."
 *रेंजर एसपी बुंदेला डिपो इंचार्ज

" डिपो इंचार्ज बुंदेला झूठ बोल रहे हैं. हमने जब उनसे बात की थी तब उनका जवाब था कि डिपो में लकड़ी नहीं है. कहीं से व्यवस्था कर लीजिए. इसके बाद हमने रेंजर विनोद अवस्थी से बात की तो उन्होंने अरेंज कराया. "
 एसडीओ ड्राइवर गुड्डा ब्रजकिशोर रैकवार

 इनका कहना है
 "छतरपुर वन मंडल में पनपते असंतोष को लेकर कर्मचारियों से बातचीत करने के लिए छतरपुर जा रहा हूं."
 महेंद्र सिंह धाकड़, एपीसीसीएफ प्रशासन-2