राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक बार फिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है, इसलिए इसका बहुत सारा श्रेय श्रमिकों को जाता है। 

भारत के विकास में श्रम बल की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि फ्लेक्सिबल वर्कप्लेस से एक घर से काम करने वाला इकोसिस्टम और फ्लेक्सिबल वर्किंग घंटे भविष्य की आवश्यकता हैं। 
 
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, “अमृत काल में एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए भारत के सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने में भारत की श्रम शक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है, और इसके साथ ही देश के संगठित और असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों के लिए लगातार काम किया जा रहा है।” 
 
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसे सरकार के विभिन्न प्रयासों को दोहराया इन योजनाओं से मजदूरों को उनकी मेहनत और योगदान को मान्यता देने का आश्वासन दिया है। 

एक अध्ययन के अनुसार, आपातकालीन क्रेडिट गारंटी योजना से महामारी के दौरान 1.5 करोड़ नौकरियों को बचाया गया। जिस तरह देश ने जरूरत के समय अपने मजदूरों का साथ दिया, उसी तरह मजदूरों ने इस महामारी से उबरने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। 
 
पीएम ने कहा कि श्रम शक्ति को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए ई-श्रम पोर्टल एक प्रमुख पहल है। पोर्टल पर महज एक साल में 400 क्षेत्रों के करीब 28 करोड़ श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। इससे निर्माण श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों और घरेलू कामगारों को विशेष रूप से लाभ हुआ है। उन्होंने सभी मंत्रियों से राज्य के पोर्टलों को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने का अनुरोध किया। 

इसमें पीएम ने बदलाव की जरूरत दोहराई। उन्होंने त्वरित निर्णय लेकर और उन्हें तेजी से लागू करके चौथी औद्योगिक क्रांति का पूरा लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में सही नीतियां और प्रयास भारत को वैश्विक नेता बनाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य को फ्लेक्सिबल वर्कप्लेस के इकोसिस्टम और फ्लेक्सिबल वर्किंग आर्स की आवश्यकता है। जिससे महिलाओं की भागीदारी बढाई जा सकेगी। 


 
उन्होंने कहा, "नारी शक्ति का सही उपयोग करके भारत अपने लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त कर सकता है।" पीएम ने देश में नए उभरते क्षेत्रों में महिलाओं के लिए क्या किया जा सकता है, इस दिशा में सोचने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, "हम उच्च गुणवत्ता वाले कुशल कार्यबल बनाकर वैश्विक अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।"  

पीएम ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भारत दुनिया के कई देशों के साथ प्रवास और गतिशीलता साझेदारी समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है और देश के सभी राज्यों से इन अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "हमें अपने प्रयासों को बढ़ाना होगा, एक-दूसरे से सीखना होगा।"