भोपाल: वन सुरक्षा श्रमिकों को ईपीएफ सुविधा का लाभ मिलेगा, इसकी शुरुआत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया के संचालक द्वारा कर दी गई है। अब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया की तर्ज पर ही प्रदेश के समस्त वन मंडल अनुसंधान विस्तार टाइगर रिजर्व अभ्यारण में कार्यरत वन समिति के वन सुरक्षा श्रमिकों को ईपीएफ सुविधा का लाभ देने की मांग उठने लगी है।
इस सम्बन्ध में मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक रमेश गुप्ता को मांग पत्र सौंपा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 1556 वन समितियों में हजारों वन सुरक्षा श्रमिक लंबे समय से अपनी सेवा दे रहे हैं। 24 घंटे वन प्राणियों और वन संपदा की सुरक्षा का कार्य करते हैं। लेकिन इन्हें किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा का लाभ आज तक नहीं दिया जाता था।
यहां तक कि वन समिति के वन सुरक्षा श्रमिकों को श्रम आयुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान भी नहीं किया जाता है। जबकि उच्च न्यायालय जबलपुर स्पष्ट आदेश जारी कर चुका है कि वन समिति में कार्यरत वन सुरक्षा श्रमिकों को श्रम आयुक्त द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए फिर भी वन विभाग वन सुरक्षा श्रमिकों को अभी भी न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं कर रहा है।