28 जुलाई, को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के रूप में मनाया जाता है। हेपेटाइटिस एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन सही समय पर परीक्षण और उपचार से कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें लिवर में सूजन आ जाती है और इसके कारण कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है. हेपेटाइटिस आमतौर पर वायरल इफेक्शन के कारण होने वाली समस्या है। हालांकि अत्यधिक अल्कोहल लेने की आदत, टॉक्सिन, कुछ दवाएं, दूषित भोजन और पानी, और किसी विशेष तरह की मेडिकल कंडीशन के कारण भी हेपेटाइटिस की समस्या हो सकती है।
इस बीमारी के कई वेरिएन्ट्स हैं जैसे ए, बी, सी, डी और ई। लेकिन हेपेटाइटिस बी को सबसे खतरनाक माना जाता है। हेपेटाइटिस बी में वायरस के कारण लिवर में संक्रमण हो जाता है। लापरवाही बरतने पर लिवर खराब होने और लिवर का कैंसर होने का भी रिस्क रहता है। हर साल इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए 28 जुलाई को वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे मनाया जाता है।
हर साल हेपेटाइटिस डे की एक थीम निर्धारित की जाती है। साल 2021 में वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे की थीम थी ‘हेपेटाइटिस इंतजार नहीं कर सकता‘ थी, वहीं साल 2022 में वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे की थीम ‘हेपेटाइटिस देखभाल को अपने करीब लाना‘ रखी गई है।
थीम के पीछे का मकसद यही है कि लोग अब हेपेटाइटिस जैसी बीमारी को लेकर सजग रहें और खुद सावधानी बरतें आज विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर हम सभी संकल्प लें कि बच्चों को हेपेटाइटिस बी का टीका जरूर लगवायेंगे, ताकि वह एक स्वस्थ जीवन जी सके। अलावा इसके स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरुक करें।