केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को कहा कि भारत में अब तक मंकीपॉक्स के आठ मामले सामने आए हैं और इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव निगरानी की जा रही है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंकीपॉक्स के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में, मंडाविया ने कहा कि डरने या घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह कोविड-19 बीमारी जितनी तेजी से नहीं बल्कि निकट संपर्क से ही फैलता है। उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स संक्रमण की जांच के लिए देश में 15 संस्थानों की पहचान की गई है और जरूरत पड़ने पर अन्य संस्थानों को भी शामिल किया जा सकता है।
कोविड की तरह #Monkeypox की भी वैक्सीन देश में बनेगी ऐसी हमारी अपेक्षा है और इसके लिए प्रयास जारी है।
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) August 2, 2022
Monkeypox के टीकाकरण को लेकर राज्य सभा में मेरा उत्तर। pic.twitter.com/ctEvBxDT7n
मंडाविया बोले, अभी तक मंकीपॉक्स का कोई टीका नहीं खोजा गया है और ज़रूरी होने पर चेचक का टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स वायरस को भारत में 'अलग-थलग' कर दिया गया है और इसकी वैक्सीन विकसित करने के लिए वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थान कार्य कर रहें है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिस तरह से भारतीय वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन की खोज की है, वे जल्द ही मंकीपॉक्स का टीका विकसित करने में भी सफल होंगे।
देश में #Monkeypox की स्थिति को लेकर राज्य सभा में मेरा विस्तृत उत्तर। pic.twitter.com/gIPU6KHBPW
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मंडाविया ने कहा कि मंकीपॉक्स का संक्रमण नया नहीं है बल्कि पहली बार 1970 के दशक में कुछ देशों में इसकी सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि संक्रमण तभी फैलता है जब बहुत करीबी संपर्क होता है, जैसे कि मां से बच्चा और पति से पत्नी या पत्नी से पति यानि जो सबसे नजदीक होगा उसमें ख़तरा रहता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कोविड19 के अनुभव से सबक लेते हुए मंकीपॉक्स से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। भारत में 14 जुलाई को मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया था। अब तक 8 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से पांच मामले ऐसे हैं जिनमें संक्रमित लोग विदेश से भारत आए हैं।
मंडाविया बोले, हालांकि किसी भी बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए, लेकिन मंकीपॉक्स से घबराने या डरने की जरूरत नहीं है। इससे ज्यादा गंभीर खतरा नहीं है। अगर हम कुछ सावधानियां बरतें तो हम इसे नियंत्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने संक्रमण के प्रसार की निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी मंकीपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं, वहां केंद्रीय टीमें भेजी जा रही हैं और राज्यों की मदद कर रही हैं।
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