देश में लगातार आठ दिनों से तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल के दामों में बढोतरी का सिलसिला आज भी जारी रहा। पेट्रोल के दाम 76 से 85 पैसे तक बढे हैं तो डीजल के दाम भी 67 से 75 पैसे तक बढ़े। दिल्ली में पेट्रोल के दाम में 80 पैसे और डीजल के दाम में भी 80 पैसे बढ़े हैं। इस इजाफे के साथ ही भोपाल में पेट्रोल का दाम अब 112.98 और डीजल का दाम 107.23 हो गया है। उल्लेखनीय है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के चलते चार महीने तक पेट्रोल डीजल के दामों में कोई इजाफा नहीं किया गया था।
लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर काबू में करने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे ही पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी होती तो महंगाई और बढ़ जाएगी। बीते दिनों पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने शुरू हुए तो मैजिक वाहन चालकों ने किराया बढ़ा दिया। आटो चालकों ने भी यात्रियों से अधिक किराया लेना शुरू कर दिया। वहीं शहर में संचालित 210 सिटी बसों का किराया बढ़ गया है। बढ़ा हुआ किराया एक अप्रैल से लागू हो जाएगा।
पेट्रोल-डीजल के 5 महीने पहले घटे थे 5 रुपए दाम, अब 9 दिन में 5.60 बढ़े
पेट्रोल-डीजल के दाम बुधवार को 9 दिन में 8वीं बार बड़े बुधवार को पेट्रोल-डीजल पर 80-80 पैसे बड़े हैं। उपचुनाव के बाद 4 नवंबर 2021 को केंद्र ने पेट्रोल पर 5 रु./ली. टैक्स घटाकर जो राहत दी थी, उसका असर अब खत्म हो चुका है। क्योंकि, 9 दिन में पेट्रोल 5.60 रु. महंगा हो गया है। अक्टूबर 2021 में 13 राज्यों की 29 विधानसभा और 3 लोकसभा सीटों पर उपचुनाव में भाजपा को उम्मीद के अनुसार नतीजे नहीं मिले थे। उसके बाद पेट्रोल पर 5 रुपए टैक्स घटा था।
मार्च में यूपी समेत 5 राज्यों में चुनाव हुए। नवंबर से मार्च तक कच्चे तेल के दाम 72.6 तक उछले, लेकिन तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। 10 मार्च को आए चुनावी नतीजे भाजपा के लिए अच्छे रहे। इसके 12 दिन बाद दाम बढ़ने शुरू हो गए, जबकि कच्चे तेल के दाम घट रहे हैं। मंगलवार को कच्चा तेल 6.79 प्रतिशत गिरावट के साथ 104.84 डॉलर/ बैरल रहा। यह उच्चतम स्तर से 31व कम है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत 13 साल 8 महीने के उच्चतम स्तर 139.13 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। चुनाव के दौरान कंपनियों ने दाम नहीं बड़ाए थे, इसलिए उसकी भरपाई अब शुरू कर दी गई है।
सऊदी अरब कच्चे तेल की कीमत 5 डॉलर/बैरल बढ़ाएगा, हम पर असर सबसे बड़ा तेल निर्यातक सऊदी अरब कच्चे तेल की कीमत बड़ाने की तैयारी में है। सरकारी कंपनी सऊदी अरामको एशियाई ग्राहकों के लिए अपने प्रमुख अरब लाइट क्रूड़के दाम 5 डॉलर प्रति बैरल बढ़ाएगा। इससे ओमान दुबई बेंचमार्क मूल्य से इसका अंतर 9.95 डॉलर / बैरल हो जाएगा, जो 2000 के बाद से सबसे अधिक अंतर होगा। भारत अपनी जरूरत का 20व कच्चा तेल सऊदी अरब से खरीदता है। क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमत में 15 से 20 रुपए का इजाफा करना होगा।