पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। तेल कंपनियों ने पिछले 15 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 13 बार बढ़ोतरी की है। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिर रही है। जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल है, वहीं दूसरी तरफ भारत में लगातार बढ़ोतरी आम आदमी को झटका दे रही है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर 80-80 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। मुंबई में पिछले 15 दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम 13 गुना बढ़ चुके हैं। मुंबई में आज सुबह छह बजे से पेट्रोल की कीमत में 84 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 85 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। मुंबई में आज पेट्रोल की ताज़ा कीमत 119.67 रुपए और डीजल की कीमत 103.92 रुपए प्रति लीटर है।

बढ़ोतरी के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 104.61 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 95.87 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। पिछले 15 दिनों में सिर्फ़ दो बार ऐसा हुआ जब पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। करीब 137 दिनों के बाद 22 मार्च से तेल के दाम बढ़ने लगे और महज 15 दिनों में सिर्फ़ 24 मार्च और 1 अप्रैल को तेल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ :

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विसेज ने पिछले महीने कहा था कि विधानसभा चुनाव के दौरान वाहन ईंधन की कीमतों में बदलाव नहीं होने के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को राजस्व में 2.25 अरब या क़रीब 19,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक अगर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर से 120 डॉलर के बीच रहती हैं तो पेट्रोलियम कंपनियों को डीजल के दाम में करीब 13.1 से 24.9 रुपये और पेट्रोल में करीब 10.6 से 22.3 रुपये प्रति लीटर की बढोतरी करनी होगी।