तीस्ता सीतलवाड़ पर एसआईटी के दावे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और तीस्ता पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के बाद सोनिया गांधी ने तीस्ता को 30 लाख रुपये दिए थे। दरअसल, तीस्ता की जमानत अर्जी में एसआईटी के हलफनामे में बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोप है कि गोधरा कांड के बाद तीस्ता को अहमद पटेल के इशारे पर 30 लाख रुपये मिले थे। इस मामले में आज पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन पर जमकर हमला बोला।

 

एसआईटी के हलफनामे का हवाला देते पात्रा बोले, हलफनामे से सच पता चला है कि साजिश के पीछे कौन था? अहमद पटेल के इशारे पर तीस्ता और अन्य ने गुजरात सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि अहमद पटेल सिर्फ एक नाम थे, उनकी प्रेरणा शक्ति उनकी बॉस सोनिया गांधी थीं। सोनिया गांधी ने अपने मुख्य राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के जरिए गुजरात की छवि खराब करने की कोशिश की थी। उनका मकसद सिर्फ़ मोदी जी का नाम ख़राब करना था।

साजिश के तहत पेश किये झूठे तथ्य-

पात्रा बोले, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कुछ लोग साजिश के तहत विषय को ग़लत तरीकें से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और झूठे तथ्य पेश कर रहे हैं लेकिन अब इन लोगों पर भी कानून सख्त होना चाहिए। 2002 के गुजरात दंगों में कांग्रेस ने जिस तरह से एक साजिश के तहत नरेंद्र मोदी को नीचा दिखाने की कोशिश की, उसकी सच्चाई हर स्तर पर सामने आ रही है।

पात्रा ने कहा कि इस संबंध में गठित एसआईटी ने अदालत के समक्ष एक हलफनामा पेश किया है। हलफनामे में कहा गया है कि तीस्ता और उनके सहयोगी मानवता के तहत काम नहीं कर रहे थे। वह एक राजनीतिक उद्देश्य के लिए काम कर रहें थे। इसके पीछे उनके 2 उद्देश्य थे। एक था गुजरात की तत्कालीन सरकार को अस्थिर करना और दूसरा निर्दोष लोगों को इसमें शामिल करना। जिसमें नरेंद्र मोदी का नाम भी शामिल है।

अहमद पटेल के ज़रिये सोनिया गांधी ने रची थी साजिश -

पात्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आज हलफनामे से पता चला है कि साजिश का मास्टरमाइंड सोनिया गांधी के पूर्व मुख्य राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल थे। लेकिन अहमद पटेल सिर्फ एक नाम है, इसके पीछे मुख्य रूप से सोनिया गांधी शामिल थी। सोनिया गांधी ने अहमद पटेल के ज़रिये गुजरात और नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की साजिश रची थी।

भाजपा नेता ने कहा कि हलफनामे के मुताबिक इस काम के लिए पैसे दिए गए थे, पहली किश्त में सोनिया गांधी ने तीस्ता को 30 लाख रुपये दिए। आज अहमद पटेल जी हमारे बीच नहीं है, लेकिन उन्होंने तो केवल वो डिलीवरी की थी। ये 30 लाख उस समय केवल पहली किश्त के रूप में दिए गए थे। उन्होंने कहा कि तब सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी को अपमानित करने और बदनाम करने के लिए करोड़ों रुपये का इस्तेमाल किया और राहुल गांधी को बढ़ावा देने के लिए सोनिया गांधी ने तीस्ता का इस्तेमाल किया।