आज बीजेपी ने 42 साल का सफर तय कर लिया है। इस अवसर पर पार्टी अपना 42वां स्थापना दिवस मना रही है।राजनीति में कभी कुछ सीटों में सिमट कर रह जाने वाली भाजपा आज पूर्ण बहुमत से अपनी सरकार चला रहीं है और खुद को एक राष्ट्रीय पार्टी साबित करने में सफ़ल रही हैं। हर एक चुनाव के बाद पार्टी की बढ़ रही लोकप्रियता के बीच यह दिन और भी खास हो जाता है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस दिन को और ज्यादा खास बनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किये है।
स्थापना दिवस पर मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा बोले, आज भाजपा का 42वां स्थापना दिवस है। 1980 में भाजपा का गठन जब हुआ था, तब हम सब लोग दिल्ली में एकत्र आए थे। वहां निर्णय लिया गया था कि भाजपा एक राजनीतिक दल के रूप में कार्य करेगी। मैं आज भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं।
भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनीं: नड्डा
जे.पी नड्डा बोले, भाजपा अब इतनी विशाल पार्टी है कि 15,000 मंडलों पर भाजपा के कार्यकर्ता एकत्र होकर पार्टी का स्थापना दिवस मना रहे हैं। हमारे 8 लाख से ज्यादा बूथों पर करोड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का आज संबोधन सुना है।एक समय वो भी था जब संसद में हमारे सिर्फ 2 सदस्य हुआ करते थे और लोग हमारा मजाक उड़ाया करते थे। आज मोदी सरकार के नेतृत्व में भाजपा को ये गौरव प्राप्त हुआ है कि आज हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनकर खड़े हैं।
भाजपा ने एक लंबी यात्रा तय की है: नड्डा
जे.पी नड्डा बोले, आज उन लोगों को याद करना आवश्यक है जिन्होंने जनसंघ के काल से इस काम को आगे बढ़ाया है। तब से लेकर आज एक लंबी यात्रा हमने तय की है। इसमें 3 से 4 पीढ़ियों ने खुद को खपाया है। आज उन लोगों को याद करने का दिन है जिन्होंने कुछ नहीं पाया, लेकिन विचारधारा के लिए अपना सर्वस्व लगा दिया। मैं उन वीर सपूतों को, जिन्होंने पार्टी को सींचकर इतना बड़ा किया, उन्हें मैं आज नमन करता हूं।
राज्यसभा में किया 100 का आंकड़ा पार : नड्डा
जे.पी नड्डा बोले, आज हमारी पार्टी ने दो बार पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में सरकार बनाई। आज राज्य सभा में 1988 के बाद 100 का आंकड़ा पार करने वाली पार्टी भाजपा ही है। आज 12 राज्यों में विशुद्ध भाजपा की सरकार है और 18 राज्यों में हमारे गठबंधन की सरकार है। बहुत से प्रदेशों में हम विपक्ष में हैं, वहां हमारी लड़ाई पारिवारिक पार्टियों के साथ है। ये पारिवारिक पार्टियां प्रजातंत्र के लिए खतरा हैं। इनको जवाब सिर्फ विचारधारा वाली पार्टी, भाजपा ही दे सकती है।