आजादी के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहली बार लाल किले से स्वदेशी तोप की सलामी दी गई। पीएम मोदी ने लाल किले से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि आत्मानिर्भर भारत एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक जन आंदोलन है, जिसे सभी को मिलकर आगे बढ़ाना है।
पीएम ने कहा कि आजादी के 75 साल में पहली बार लाल किले से तिरंगे को सलामी देने के लिए देश में बनी तोप "मेड इन इंडिया" का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत हर नागरिक, हर सरकार, समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है।
यह भी पढ़े:
पीएम मोदी ने लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराया, तो डीआरडीओ द्वारा बनाई गई स्वदेशी तोप का इस्तेमाल "21 तोपों की सलामी" के लिए किया गया। इसे ATAGS (एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम) कहा जाता है। इस स्वदेशी तोप की गिनती दुनिया की सबसे लंबी दूरी की तोपों में होती है। इसकी रेंज 48 किमी है। माइनस 30 डिग्री ठंड हो या 75 डिग्री गर्मी, यह हर अप्रत्याशित स्थिति में काम करने में सक्षम है। चीन के साथ लगी LAC से लेकर राजस्थान के रेतीले मैदानों तक में इस तोप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
#WATCH | Made in India ATAGS howitzer firing as part of the 21 gun salute on the #IndependenceDay this year, at the Red Fort in Delhi. #IndiaAt75
— ANI (@ANI) August 15, 2022
(Source: DRDO) pic.twitter.com/UmBMPPO6a7
भारत की ताकत-
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगे की सलामी के दौरान तोपों से 21 कोरे गोले दागे जाते हैं। इन छर्रों में केवल बारूद होता है, प्रक्षेप्य नहीं। विस्फोट तभी होता है जब गोला दागा जाता है। एक गोले का भार 11.5 किग्रा है। पिछले 75 सालों से 15 अगस्त के आयोजन में ब्रिटिश निर्मित तोपों का इस्तेमाल किया जाता रहा है। लेकिन पहली बार केंद्र सरकार मेड इन इंडिया को बढ़ावा दे रही है। इसलिए इस बार लाल किले से तिरंगे को सलामी देने के लिए देशी तोपों से 21 गोले दागने की इजाजत मिली थी।