भोपाल: मप्र सरकार का स्टेट प्लेन बी200 वीटी-एमपीक्यु गत 6 मई 2021 को ग्वालियर में लैंड करते वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसकी केंद्रीय विमानन मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो-एएआईबी से जांच कराई थी तथा अब एएआईबी ने अब अपनी रिपोर्ट मप्र सरकार को सौंप दी है तथा इस रिपोर्ट में भी दोनों सरकारी पायलट दोषी पाये गये हैं।

एएआईबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेट प्लेन उड़ा रहे सीनियर पायलट केप्टन माजिद खान और जूनियर पायलट शिव जायसवाल ने ग्वालियर एटीसी से लैंड करने के लिये विजुअल परमीशन मांगी थी तथा इसके बाद स्टेट प्लेन लैंड करते वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विजुअल परमीशन में प्लेन लैंड करने की जिम्मेदारी पायलट की रहती है। यदि वह मेकेनिकल परमीशन मांगता तो तब ग्वालियर एटीसी की जिम्मेदारी बनती कि वह पायलटों को बताता कि जिस तरफ से वे लैंड करने वाले हैं, वहां एक नेट लगा है। इसी नेट में उलझने के कारण स्टेट प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।

उल्लेखनीय है कि उक्त दुर्घटना पर दोनों पायलटों के लायसेंस डीजीसीए ने एक साल के लिये निलम्बित कर दिये थे तथा बाद में राज्य के विमानन संचालनालय ने भी दोनों को निलम्बित कर आरोप-पत्र थमा दिये थे। दोनों के खिलाफ अब विभागीय जांच भी हो रही है। इस दुर्घटना के कारण स्टेट प्लेन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया जिसके अब सुधरने की उम्मीद नहीं है तथा अब राज्य सरकार को नया जेट प्लेन खरीदने के लिये टेण्डर जारी करने पड़े हैं। आगामी अप्रैल माह में चयनित विमानन निर्माता कंपनी को जेट प्लेन देने के आदेश जारी कर दिये जायेंगे।

ग्वालियर में दुर्घटनाग्रस्त स्टेट प्लेन के कारण राज्य सरकार को करीब 85 करोड़ रुपयों की हानि उठाना पड़ी है तथा अब इस प्लेन का निपटारा किया जायेगा यानि इसे किसी अन्य को नीलामी के जरिये यथास्थिति में बेचा जायेगा। विभागीय जांच में यदि दोनों पायलट दोषी पाये गये तो इनसे वसूली भी की जा सकेगी।