एमपी के एक पुलिस थाने में अर्ध-नग्न खड़े पुरुषों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस तस्वीर में यूट्यूब पत्रकार कनिष्क तिवारी भी नज़र आ रहें है। पत्रकार के अनुसार, उन्हें इस हालत में इसलिए रखा गया क्योंकि वो उस व्यक्ति के समर्थन में चले गए थे जिसे बीजेपी विधायक और उसके बेटे के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।
वहीं, इस पूरे मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ट्विट करते हुए लिखा, लॉकअप में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का चीरहरण..! या तो सरकार की गोद में बैठकर उनके गुणगान गाओ, या जेल के चक्कर काटो। ‘नए भारत’ की सरकार, सच से डरती है।
लॉकअप में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का चीरहरण!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 8, 2022
या तो सरकार की गोद में बैठकर उनके गुणगान गाओ, या जेल के चक्कर काटो।
‘नए भारत’ की सरकार, सच से डरती है। pic.twitter.com/HpterG5Zbv
जानिए पूरा मामला :
सीधी जिला पुलिस ने पत्रकारों को थाने बुलाकर अर्धनग्न खड़ा कर दिया। उनमें से ज्यादातर यूट्यूब चैनल चलाते हैं। कनिष्क तिवारी बघेली में अपने यूट्यूब चैनल पर खबरें चलाते हैं। उनके चैनल के 1.5 लाख सब्सक्राइबर हैं। आरोप है इस चैनल की खबरों से भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ला नाराज हो गए। उसके कहने पर सीधी पुलिस ने कनिष्क और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस का कहना है कि ये लोग फर्जी आईडी से बीजेपी सरकार और विधायकों के खिलाफ खबरें लिखते और दिखाते हैं। फिलहाल इस तस्वीर ने मीडिया जगत में तहलका मचा दिया है। सीधी की खबर चैनल पर चलने के आधे घंटे बाद ही एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पूरे मामले पर संज्ञान लिया, साथ ही थाना प्रभारी और सब इन्स्पेक्टर को लाइन हाज़िर कर दिया गया।