प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसम्बर 2022 को गोवा में तीन आयुष अस्पतालों का उद्घाटन किया. इसमें गोवा में आयुर्वेद, गाजियाबाद में यूनानी मेडिसिन और दिल्ली के होम्योपैथी के इंस्टीट्यूट शामिल हैं. पीएम मोदी गोवा की राजधानी पणजी पहुंचे जहां पर उन्होंने 9वीं वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस के समापन समारोह में हिस्सा लिया.

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इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में अपने योगदान और उपलब्धियों के माध्यम से विश्व के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. भारत ने जी-20 की अध्यक्षता को गर्व से ग्रहण किया है. हमने 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' जैसी थीम रखी है. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दुनिया भर के 30 से अधिक देशों ने आयुर्वेद को पारंपरिक दवाओं का दर्जा दिया है. 

पीएम मोदी ने कहा कि हमें मानवता के हित के लिए आयुर्वेद के संदेश को अधिक से अधिक देशों में फैलाने का लक्ष्य रखना चाहिए. जिस योग और आयुर्वेद को पहले उपेक्षित समझा जाता था, वही आज पूरी मानवता के लिए एक नई उम्मीद बन गया है. हमारे पास आयुर्वेद का परिणाम भी था, प्रभाव भी था, लेकिन प्रमाण के मामले में हम पीछे छूट रहे थे. इसलिए, आज हमें ‘डेटा बेस्ड एविडेंसेस’ का डॉक्युमेंटेशन करना होगा.

उन्होंने बताया कि कुछ लोग समझते हैं कि आयुर्वेद, सिर्फ इलाज के लिए है लेकिन इसकी खूबी ये भी है कि आयुर्वेद हमें जीवन जीने का तरीका सिखाता है. आयुर्वेद हमें सिखाता है कि हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर की तरह ही शरीर और मन भी एक साथ स्वस्थ रहने चाहिए, उनमें समन्वय रहना चाहिए. आयुर्वेद हमें सिखाता है कि मशीन की तरह हमारा शरीर भी तभी अच्छा काम करता है, जब उसका हार्डवेयर (बॉडी) और सॉफ्टवेयर (हृदय) दोनों मिलकर काम करते हैं.

पीएम मोदी ने आगे बताया कि आज भारत ने दुनिया के सामने 'One Earth, One Health' का futuristic vision भी रखा है. 'One Earth, One Health' का मतलब हेल्थ को लेकर एक यूनिवर्सल विज़न है. आयुर्वेद की बढ़ती लोकप्रियता योग पर्यटन में भी निहित है. गोवा पहले से ही पर्यटन का केंद्र है, और योग पर्यटन को बढ़ावा देने से यह नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकता है.