केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, देश में बढ़ती महंगाई एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। इसमें रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध भी एक मुख्य कारण है। लेकिन इन सबके बावजूद भी हमारी सरकार ने महंगाई पर बहुत कंट्रोल किया है। हालांकि खाने के तेल की कीमतें पिछले कुछ दिनों में बढ़ी हैं। इन दामों को कम करने पर काम किया जा रहा है।

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80 करोड़ देशवासियों को मिल रहा, मुफ़्त अनाज 

जानकारी देते हुए पीयूष गोयल बोले, इस शताब्दी के सबसे बड़े संकट Covid-19 के बावजूद भी भारत एक ऐसा देश बनकर उभरा, जिसमें एक भी गरीब परिवार के घर में चूल्हा न जला हो, ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। कोरोना संकट के लगभग 25 महीने के अंतराल के बीच प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 80 करोड़ देशवासियों को प्रति माह पांच किलो अनाज मुफ्त देने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किया गया। 

25 महीनों में गरीबों तक पहुंचा, 1,000 लाख मीट्रिक टन अनाज

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत 25 महीनों में 1,000 लाख मीट्रिक टन अनाज गरीबों तक पहुंचाया गया है। विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा का प्रोग्राम भारत में चलाया गया है। "वन नेशन- वन राशन कार्ड" प्रधानमंत्री की एक कल्पना थी कि कैसे हम देश के 80 करोड़ लाभार्थियों को टेक्नोलॉजी से जोड़कर उन्हें देश में कहीं भी अन्न प्राप्त करने की सुविधा दे। आपको जानकर खुशी होगी कि लगभग ऐसे 65 करोड़ लोगों ने अपने अन्न को अपने घर की जगह कहीं और से लिया है।

भारत में गरीबी हुई कम :

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों को अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी सराहना मिली है। अभी IMF ने भारत की पूरी स्थिति का आंकलन करते हुए बताया है कि ये जो मुफ्त में खाद्यान्न दिया गया है चाहे वो NFSA के अंतर्गत हो या गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत दिया गया खाद्यान्न हो..! इन दोनों का भारत में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा। जिसके कारण भारत में गरीबी और असमानता कम हुई।