Asian Games Trials: पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल से छूट दिए जाने के भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के तदर्थ पैनल के फैसले पर ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने सवाल खड़े किए हैं. 

ANI द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, साक्षी मलिक ने बताया कि मुझे 3 से 4 दिन पहले सरकार की तरफ से फोन आया था कि हम बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को एशियन्स गेम के लिए भेज रहे हैं. आप भी मेल कर दो आपको भी भेज देंगे. लेकिन मैंने साफ मना कर दिया. मैं कभी भी बिना ट्रायल के किसी टूर्नामेंट में न ही गई हूं और न जाना चाहती हूं.

उन्होंने आगे कहा, मैं कुश्ती के भले के लिए ही प्रदर्शन में थी. मैं इस तरह बिना ट्रायल नाम भेजने के विरोध में हूं क्योंकि मैं नहीं चाहती कि किसी का हक छीना जाए. कुश्ती में हमारी आपस में लड़ाई कराने जैसी यह जो नीति बनी है मैं उसके खिलाफ हूं.

सरकार ने हमारी झोली में यह बदनामी डाल दी- साक्षी मलिक

इस अलावा साक्षी मलिक ने ट्विटर पर एक पोस्ट में लिखा, सरकार ने एशियन गेम्स में सीधे नाम भेजकर पहलवानों की एकता को तोड़ने का काम किया है. मैं न कभी बिना ट्रायल खेलने गई हूँ और न ही इसका समर्थन करती हूँ. सरकार की इस मंशा से विचलित हूँ. हमने ट्रायल्स की डेट आगे बढ़वाने की बात कही थी लेकिन सरकार ने हमारी झोली में यह बदनामी डाल दी है. 

बता दें कि एशियाई खेलों के ट्रायल में छूट के मुद्दे पर जूनियर विश्व चैंपियन अंतिम पंघाल समेत राष्ट्रीय स्तर के कई पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ के एडहॉक पैनल के फैसले को अनुचित करार दिया हैं. जिस पर अब पहलवान खुलकर विरोध जता रहे हैं.