असम और मेघालय के बीच 50 साल पुराना सीमा विवाद आज थम गया है। दोनों राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है। दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच सहमति बन गई है। मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, सांसद दिलीप सेकिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने राजधानी दिल्ली में गृह मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात में सीमा विवाद को सुलझाने के लिए समझौता किया गया।
Historic day for the North-East. The signing of the interstate boundary settlement between the states of Assam and Meghalaya. Watch live! https://t.co/hvHL4lipun
— Amit Shah (@AmitShah) March 29, 2022
इस बीच अमित शाह ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच की 70 फीसदी सीमा आज विवादों से मुक्त हो गई है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि हम आगे से किसी भी विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाएंगे। उन्होंने कहा, इस फ़ैसले के बाद से दोनों ही राज्यों में शांति बनी रहेगी। समझौता के बाद अमित शाह ने पीएम मोदी और भारत सरकार की तरफ़ से दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उनकी टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी ने जिस विकसित नॉर्थ ईस्ट का सपना देखा था, वह जल्द ही साकार होगा।
अमित शाह बोले, पीएम मोदी ने लगातार पूर्वोत्तर के गौरव के लिए काम किया है। जानकारी के अनुसार, समझौता से पहले शाह ने प्रधानमंत्री से उत्तर-पूर्वी सीमा के बारे में बात की। आपकों बता दे कि, सबसे पहले 2019 में त्रिपुरा सशस्त्र समूहों के बीच एक समझौता हुआ था। उसके बाद 16 जनवरी को ब्रू रियांग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे 34,000 से अधिक लोगों को लाभ हुआ। तब ऐतिहासिक बोडो समझौते पर 27 जनवरी 2020 को हस्ताक्षर किए गए थे। इसके बाद 2021 में कार्बी अमलंग समझौते पर हस्ताक्षर किया। शाह ने कहा, हमने असम मॉडल को तोड़े बिना राज्य का मूल स्वरूप बनाकर 50 साल पुरानी समस्या का अंत किया है। दोनों ही राज्यों के सीएम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में समझौते पर दस्तखत किया।