प्रदेश की भाजपा और शिवराज सरकार सबसे पहले गरीबों के लिए है। कोल समाज के निर्धन भाइयों के घर की जरूरत पूरी करने के लिए एक सर्वे के बाद भूअधिकार अधिनियम के तहत सबको आवासीय जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। कोल समाज के बच्चों की पढ़ाई के लिए और सरकारी नौकरियों में और इंजीनियरिंग/मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग स्थापित की जाएंगी।


यह बात मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने निवास परिसर में कोल जनजाति के सम्मेलन में कहीं। इससे पहले सीएम शिवराज ने सम्मलेन का शुभारंभ दीप प्रज्वलित और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। सीएम शिवराज ने मुख्यमंत्री निवास पधारे कोल जनजाति के भाई-बहनों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय कोल जनजाति प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, जिला पंचायत सतना के अध्यक्ष राम खेलावन कोल, जिला पंचायत रीवा की अध्यक्ष नीता कोल, ब्यौहारी विधायक शरद कोल सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे ।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के उद्बोधन के मुख्य बिंदु-
 

- कोल समाज को भगवान श्रीराम के वन गमन के दौरान पर्णकुटी बनाने का गौरव प्राप्त है। मां शबरी के प्रेमवश झूठे किए बेर भगवान श्रीराम ने खाए।  

- इस समाज ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष किया। भगवान बिरसा मुंडा के डर से अंग्रेज कांपते थे। उनके नेतृत्व में और भी अनकों कोल योद्धाओं ने संघर्ष किया, वह  हम सभी के यशस्वी पूर्वज हैं। उनकी जयंती को हमारे यशस्वी प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया।

- त्योंथर की कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार के लिए 3.12 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिये हैं। भगवान बिरसामुंडा जी की पुण्यतिथि 9 जून को कोल गढ़ी के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ किया जाएगा।

- भाजपा और शिवराज सिंह की सरकार सबसे पहले गरीबों के लिए है। कोल समाज के निर्धन भाइयों के घर की जरूरत पूरी करने के लिए एक सर्वे के बाद हम भूअधिकार अधिनियम के तहत सबको आवासीय जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

- कोल समाज के जनप्रतिनिधि सूची बनाएं उसके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने में सहायता दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो आवास के लिए अलग से योजना बनाएंगे।

- कोल समाज के बच्चों की पढ़ाई के लिए और सरकारी नौकरियों में और इंजीनियरिंग/मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग स्थापित की जाएंगी। इसके लिए सरकारी तंत्र के साथ समाज के प्रतिनिधि भी सहयोग के लिए आएं।

- समाज के बच्चों के मेडिकल/इंजीनियरिंग की फीस भी सरकार भरेगी। उनके रहने को अगर हॉस्टल में जगह नहीं मिलेगी तो किराये के घर के लिए भी किराया सरकार भरेगी।

- समाज के बच्चे  बच्चे उद्योग व्यवसायों में आएंगे तो सरकार उनको सहायता करेगी। हम चाहते हैं कि कोल समाजे युवक नौकरी तलाशने वाले नहीं देने वाले बनें। सीखो कमाओं योजना का लाभ लें, यहां व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ ही इस दौरान 8 हजार रुपए का स्टयपैंड भी दिया जाएगा।

- गंभीर रूप से बीमारों के इलाज की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी। समाज के प्रतिनिधि इस कार्य में सहयोग करें।

- कोल समाज की बहनों के खातों में भी 10 जून से लाड़ली बहना योजना के तहत हर माह एक हजार रुपए पहुंचाए जाएंगे।