लगातार 12 मुकाबले जीतकर इतिहास बनाने की दहलीज़ पर खड़ी टीम इंडिया का विजय रथ आखिरकार दक्षिण अफ्रीका ने रोक दिया। पांच मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने गुरुवार को विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को 7 विकेट से हरा दिया। टीम इंडिया के अनुभवी स्पिनर यजुवेंद्र चहल को इस हार का दोषी माना जा रहा है। 

आईपीएल में सर्वाधिक विकेट लेने वाले चहल से जो अपेक्षाएं जताई जा रही थी चहल उन्हें पहले मुकाबले में पूरा न कर सके। इस मुकाबले में चहल एक भी विकेट ना ले सके यही कारण रहा कि अफ्रीकी बल्लेबाज़ दबाव में आये बिना बड़े स्कोर को हासिल करने में कामयाब रहे और भारत लगातार तेरह मुकाबले जीतने के रिकॉर्ड से दूर रह गया। 

यही नहीं चहल इस मुकाबले में काफी महंगे भी साबित हुए। उन्होंने केवल 2.1 ओवर में ही 26 रन दे डाले। रन  गति पर अंकुश न लगने से दक्षिण अफ्रीका की टीम कभी दबाव में नहीं दिखी। चहल के अलावा अन्य भारतीय गेंदबाज भी साधारण रहे जिससे बल्लेबाज़ों द्वारा बनाया गया बड़ा स्कोर भी टीम इंडिया को जीत दिलाने में नाकाफी रहा। 

चहल से इस मुकाबले में इसलिए उम्मीद ज्यादा थीं क्योकि आईपीएल में चहल ने 17.मुकाबलों में 27 विकेट झटक धमाकेदार प्रदर्शन किया था। चहल आईपीएल में सर्वाधिक विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज थे। राजस्थान  रॉयल को फाइनल में पहुंचाने में चहल की फिरकी ने बड़ी भूमिका निभाई थी। 


दूसरी ओर यजुवेंद्र चहल के प्रदर्शन को लेकर ऋषभ पंत की कप्तानी पर भी सवाल उठाया जा रहा है। गुजरात टाइटंस के हेड कोच आशीष नेहरा ने कहा है कि चहल जैसे गेंदबाज को केवल 2 ओवर कराना कहीं से भी उचित नहीं लगता और ना ही उन्हें कप्तान ऋषभ पंत की यह रणनीति समझ आई है। चहल को तीसरा ओवर उस समय दिया गया था  जब टीम मुकाबले से लगभग बाहर हो चुकी थी। 

गौरतलब है कि दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान तेंबा बावुमा ने टॉस जीता था और भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया था। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट पर 211 रन बनाए थे। टीम इंडिया के लिए ओपनर ईशान किशन की 76 रन की पारी खेली थी। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 212 रन का लक्ष्य 3 विकेट खोकर 5 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया था। दक्षिण अफ्रिका के लिए रासी डेर डुसेन 75 और डेविड मिलर 64 और रन बनाकर नाबाद रहे थे।