राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम तय करने के लिए संयुक्त विपक्ष की बैठक हुई। इस बैठक के बाद राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर यशवंत सिन्हा के नाम की घोषणा की गई है। बैठक में जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला और सीताराम येचुरी सहित पार्टी के 15 नेताओं ने भाग लिया। शरद पवार ने कहा कि आम आदमी पार्टी, टीआरएस और शिवसेना बैठक में शामिल नहीं होंगे लेकिन यशवंत सिन्हा के नाम का समर्थन करेंगे।
बैठक के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि विपक्ष ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि यशवंत सिन्हा राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार होंगे। उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा 27 जून को सुबह 11.30 बजे नामांकन फॉर्म भरेंगे। विपक्ष ने कहा, हम भाजपा और उसके सहयोगियों से राष्ट्रपति पद के लिए यशवंत सिन्हा का समर्थन करने की अपील करते हैं।
यशवंत सिन्हा दो बार केंद्रीय वित्त मंत्री रह चुके है, पहली बार चंद्रशेखर की सरकार में और दूसरी बार अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में..! वे वाजपेयी सरकार में विदेश मंत्री भी रह चुके है।
बैठक में शामिल होने से पहले टीएमसी नेता यशवंत सिन्हा ने ट्वीट किया कि वह एक बड़े राष्ट्रीय कारण से टीएमसी छोड़ रहे हैं। ममता बनर्जी से मिले समर्थन और सम्मान के लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि यह पार्टी से अलग होने और एक बड़े उद्देश्य के लिए काम करने का समय है।
I am grateful to Mamataji for the honour and prestige she bestowed on me in the TMC. Now a time has come when for a larger national cause I must step aside from the party to work for greater opposition unity. I am sure she approves of the step.
— Yashwant Sinha (@YashwantSinha) June 21, 2022
गौरतलब है कि बीजेपी ने मंगलवार शाम राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए संसदीय दल की बैठक बुलाई है। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद हो सकते हैं। इससे पहले, भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह को एक समझौते पर पहुंचने का काम सौंपा था।