उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आज योगी आदित्यनाथ को बीजेपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। विधायक दल की बैठक में योगी के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता सुरेश खन्ना ने रखा। लखनऊ के लोकभवन में हुई इस विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित शाह, रघुबर दास और बीजेपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे।साथ ही विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा, उत्तर प्रदेश मे पहली बार हुआ है कि कोई मुख्यमंत्री दोबारा चुनकर आया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन और यशस्वी नेतृत्व की वजह से ये संभव हो पाया है।
योगी बोले, 2014 में गृह मंत्री अमित शाह ने एक संगठन की मजबूत नींव रखी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के रुप में उनके व्यापक दौरे किए जिसकी वजह के उत्तर प्रदेश में भाजपा मजबूत होकर आई है। 2017 में मुझ पर पार्टी ने भरोसा किया। तब मैं एक सांसद था। शासन की किसी प्रक्रिया में कोई भागीदार नहीं था। 2017 से पहले सुशासन की कोई बात नहीं करता था। उस वक्त तो कोई सोचता भी नहीं था, लेकिन आज ये सब संभव हो पाया है।
योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, हमारी सरकार ने बिना भेदभाव के आम जन तक गरीब कल्याण की योजनाएं पहुंचाई हैं। सपा-बसपा की सरकार में गरीबों के विकास के लिए कोई योजना नहीं थी। 2017 से हम प्रदेश को कुशासन से सुशासन की तरफ ले गए। अब हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। सुशासन को और कैसे सुदृढ़ करना है। इस पर हम सभी को कार्य करना है।
अमित शाह का यूपी प्लान :
यूपी विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित शाह बोले, ये हम सभी के लिए गौरव का क्षण है, जब किसी मुख्यमंत्री को दोबारा सत्ता में आने का मौका मिला है। जब से आम चुनाव शुरु हुए हैं, उस वक्त से उत्तर प्रदेश में ऐसा नही हुआ है। उत्तर प्रदेश में ज्यादातर समय राजनैतिक अस्थिरता का माहौल रहा। इसका नतीजा यह निकला की उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिवादी और परिवारवादी पार्टियों का उदय हो गया था। समाजवादी पार्टी की सरकार में राजनीति का अपराधीकरण था। उत्तर प्रदेश की जनता इससे मुक्ति चाहती थी। 2017 का समय आया और यहां की जनता को उससे मुक्ति मिली।
समाजवादी पार्टी पर शाह का वार:
अमित शाह बोले, सपा सरकार में उद्योगपतियों का सम्मेलन दिल्ली में होता था। क्योंकि कोई भी उद्योगपति लखनऊ आने के लिए तैयार नहीं होता था। सपा सरकार में माफिया और गुंडे पुलिस के मालिक बन बैठे थे। गरीब की एफआईआर लिखवाने की हिम्मत नहीं होती थी। 2017 के बाद जब सत्ता में बदलाव हुआ, तो आप देख सकते हैं गुंडे और माफियाओं की क्या हालत है। हम सभी को मोदी जी जैसा दूरदर्शी नेतृत्व मिला है, परिश्रमी नेतृत्व मिला है। गरीबों के प्रति समर्पित रहने वाला नेतृत्व मिला है। मोदी जी के मार्गदर्शन में योगी जी ने गरीब कल्याण के हर कार्य को पूरा कर जमीन तक पहुंचाया है।