तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। सनातन धर्म पर विवादित बयान देने वाले उदय निधि स्टालिन से सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने दो टूक कहा कि आप आम आदमी नहीं हैं, राजनेता हैं। आपको पता होना चाहिए था कि इस तरह की टिप्पणी का क्या नतीजा होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी सनातन पर विवादित विवादित के बाद उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कई राज्यों में दर्ज सभी मुकदमों के एक साथ जोड़ने की मांग को लेकर दायर याचिका पर की। उदयनिधि स्टालिन सभी मुकदमों के एक साथ जोड़ने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे जहां उन्हें फटकार का सामना करना पड़ा।
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया और अब आप सुप्रीम कोर्ट से राहत मांग रहे हैं। फिलहाल कोर्ट ने अगले हफ्ते के लिए सुनवाई टाल दी है।
दरअसल, डीएमके मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा था, "कुछ चीजों का सिर्फ विरोध नहीं होना चाहिए बल्कि उन्हें जड़ से खत्म कर देना चाहिए। हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या फिर कोरोना वायरस का विरोध नहीं कर सकते, हमें इसे खत्म करना होगा। इसी तरह हमें सनातन को खत्म करना है।