मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भले ही अभी 10 महीने बाकी हों लेकिन तमाम राजनीतिक दल अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने लगे हैं. बीजेपी-कांग्रेस के सियासी घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) इस चुनाव को त्रिकोणीय बनने के प्रयास में जुट गई है.
सिंगरौली नगर निगम में AAP मेयर की जीत ने पार्टी की विधानसभा चुनाव में एंट्री को काफी मजबूती देने का काम किया. शायद इसी का परिणाम है कि AAP खुद को नई विचारधारा वाली पार्टी के रूप में स्थापित करती हुई दिखाई दे रही हैं.
एमपी में AAP की एंट्री तो पहले से ही तय थी लेकिन इस घोषणा के बाद यह समझा जा सकता है कि बीजेपी-कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि पार्टी सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहीं है.
इसकी घोषणा करते हुए संगठन महासचिव संदीप पाठक ने साफ़ तौर पर कहा कि आम आदमी पार्टी पूरी ताक़त से सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जैसे पंजाब, गुजरात, दिल्ली में लड़ा वैसे ही एमपी में भी पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे. इस दौरान AAP ने Schools, Hospitals, Jobs, बिजली-पानी, महंगाई जैसे मुद्दों पर राजनीति करने की बात भी कही.
अब देखना यहीं होगा कि AAP की एंट्री से किसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. बीजेपी सत्ता बरक़रार तो वहीं कांग्रेस सत्ता वापसी का सपना देख रहीं है. फ़िलहाल AAP की एंट्री वोट बैंक का सियासी गणित बिगाड़ सकती हैं.