Delhi Politics: दिल्ली की नई शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन जारी करने के बाद से राजनीति गरमाई हुई है. आम आदमी पार्टी (AAP) भी उनकी गिरफ्तारी की आशंका जता रही है. अब AAP इस बात पर विचार करने में जुटी है कि अगर केजरीवाल गिरफ्तार होते हैं तो क्या उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए या जेल से सरकार चलानी चाहिए?

फिलहाल, इन तमाम आशंकाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. जो अब राजनीतिक गलियारों में काफी वायरल हो रहा है.  

जनमत संग्रह के बाद केजरीवाल बनाएंगे पत्नी को सीएम-

बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने गंभीर आरोप लगाया है कि केजरीवाल अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं. नई शराब नीति मामले में शुरू से ही शिकायतकर्ताओं में शामिल रहे सिरसा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के एक नेता ने उन्हें यह जानकारी दी.

मनजिंदर सिंह ने पीटीआई न्यूज़ से बातचीत में यह भी दावा किया है कि विधायकों के इनकार के बावजूद केजरीवाल जनमत संग्रह कराने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनमत संग्रह के बाद केजरीवाल अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाएंगे.

गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल से चलाऊंगा सरकार-

मनजिंदर सिंह ने आगे कहा, केजरीवाल ने कल विधायकों के साथ बैठक की और कहा कि गिरफ्तार होने के बाद मैं तिहाड़ जेल से सरकार चलाऊंगा. केजरीवाल को पहले से पता था कि जो सबूत आए हैं उसमें 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का मनी ट्रेल है. सुप्रीम कोर्ट ने इसका जिक्र भी किया और सिसोदिया को जमानत भी नहीं दी. केजरीवाल ने जिस पैसे का लेन-देन किया है, खासकर अपना शीश महल बनाने के लिए जो काम किया है, उससे उन्हें पता है कि वह जेल जाएंगे.

मनजिंदर सिंह ने दावा किया कि, मैंने पहले ही कहा था कि केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं होंगे. क्योंकि, वह अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए विधायकों को मनाना चाहते हैं. कल केजरीवाल की हुई बैठक में ये साफ हो गया. AAP के एक वरिष्ठ नेता ने मुझे बताया कि सभी विधायकों ने मना कर दिया है. जिसके बाद बैठक में फैसला लिया गया है कि हम जनमत संग्रह कराएंगे. अगर लोग कहेंगे कि हमने केजरीवाल को वोट दिया है तो सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा.