भोपाल. विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लेत-लाली की वजह वन भूमि के डायवर्सन में हो रही देरी को बताया जा रहा है। इसके कारण मुख्यमंत्री से लेकर सांसद और विधायक तक नाराज है और सरकार और शासन स्तर पर वन विभाग की छवि अच्छी नहीं बन रही है। डीएफओ कॉन्फ्रेंस में फील्ड के अफसर को ताकीद किया गया है कि कलेक्टर- कमिश्नर की अध्यक्षता में फील्ड के अफसर यूजर एजेंसी के साथ मिलकर हर महीने बैठक करें और वन भूमि के डायवर्सन में गंभीरता से कार्य करें।
वन भवन में मंगलवार को डीएफओ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें वन बल प्रमुख एके पाटिल और मुख्यालय के सभी पीसीसीएफ, एपीसीसीएफ के अलावा सीएफ भी उपस्थित रहे। अपर प्रधान मुख्यमंत्री वन संरक्षक एचएस मोहन्ता (भूमि प्रबंधन ) ने फील्ड के अफसर का ध्यान आकर्षण कराया कि डायवर्सन के मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसके कारण विभाग की छवि सरकार और शासन स्तर पर धूमिल हो रही है।
यहां तक कि मुख्यमंत्री से लेकर सांसद-विधायक तक नाराज हैं, क्योंकि जनहित से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर नहीं हो पा रहा है। यूजर एजेंसियां इसका ठीकरा वन विभाग पर फोड़ती है। कॉन्फ्रेंस में मोहन्ता ने जबलपुर, छतरपुर और खंडवा सर्किल के वन संरक्षक और डीएफओ की टाल- मटोल कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उन्हें निर्देशित किया है कि हर महीने कमिश्नर और कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक करें और इसमें यूजर एजेंसी को भी शामिल करें।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जबलपुर सर्किल में 77, छतरपुर में 57 और खंडवा में 47 प्रकरण डायवर्सन के लंबित है। हालांकि सबसे अधिक मामले बैतूल सर्किल 97, सागर में 73, भोपाल में 50 और शहडोल में 49 प्रकरण डायवर्सन के लंबित हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह क्षेत्र उज्जैन सर्किल में ही लगभग 60 प्रकरण लंबित है।
बालाघाट वन संरक्षक सेंगर को लगी फटकार
डीएफओ कॉन्फ्रेंस में रेंजर स्कूल के निर्माण का बजट खर्च नहीं करने पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक पंकज अग्रवाल ने वन संरक्षक अरविंद सिंह सेंगर को फटकार सुनना पड़ी। हालांकि वह अपनी तरफ से बजट नहीं खर्च करने की सफाई देते रहे किंतु उनकी दलीले यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि यह सब बातें तो पहले भी कह चुके हो। इसके अलावा बजट मद 9545 के अंतर्गत आवंटित बजट का उपयोग नहीं करने पर छिंदवाड़ा उत्पादन, धार, श्योपुर और सागर दक्षिण के डीएफओ को भी चेतावनी दी गई। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बजट खर्च नहीं करने के मामले में पूर्व वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने चेतावनी देते हुए यह कहा था कि आपके एसीआर ( एनुअल अप्रेजल रिपोर्ट) में अंकित किया जाएगा किंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दक्षिण सागर डीएफओ को चार्जशीट की धमकी
कॉन्फ्रेंस में ही इको पर्यटन बोर्ड के सीईओ समिता राजोरा ने दक्षिण सागर के डीएफओ एमपी सिंह को एफसीए के तहत चार्जशीट बनाने की धमकी दी। सूत्र ने बताया कि दक्षिण सागर के डीएफओ नवीन गर्ग के खिलाफ चार सीट जारी करने के लिए वर्तमान डीएफओ एमपी सिंह से दस्तावेज और आरोप बनाकर भेजने के लिए कहा जा रहा है किन्तु सिंह उनके निर्देश को हवा में उड़ाते आ रहें है।