100 करोड़ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन का खतरा, 7.4 अंकों के साथ 26वें स्थान पर है भारत :अतुल विनोद
<div> <strong>100 करोड़ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन का खतरा, 7.4 अंकों के साथ 26वें स्थान पर है भारत</strong></div> <div> </div> <div id="cke_pastebin"> भारत सहित दुनिया के 100 करोड़ से ज्यादा बच्चों पर मंडरा रहा है जलवायु परिवर्तन का गंभीर खतरा नए जारी चिल्ड्रन क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स में भारत को 7.4 अंक दिए गए हैं, जिसे यमन और सिएरा लियॉन के साथ 26वें स्थान पर रखा है.</div> <div> </div> <div> दुनिया के करीब आधे बच्चे जिनकी संख्या 100 करोड़ से ज्यादा है। वो जलवायु परिवर्तन के बेहद उच्च जोखिम वाले 33 देशों में रहते हैं, जिनमें भारत भी एक है। यह बच्चे साफ पानी, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल जैसी जरुरी सेवाओं की कमी का सामना कर रहे हैं ऊपर से जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े खतरे उनके जीवन को और जोखिम भरा बना रहे हैं। ऐसे में अनुमान है कि जैसे जैसे जलवायु परिवर्तन का असर बढ़ेगा वैसे-वैसे उनपर जोखिम और बढ़ता जाएगा। साथ ही उनकी संख्या में भी इजाफा होने की सम्भावना है।</div> <div> </div> <div> दुनिया भर में करीब 24 करोड़ बच्चे तटवर्ती इलाकों में आने वाली बाढ़ और करीब 33 करोड़ बच्चे नदियों में आने वाली बाढ़ के कारण खतरे में हैं। यही नहीं जहां 82 करोड़ बच्चों पर लू का खतरा मंडरा रहा है वहीं 40 करोड़ बच्चों पर तूफान की चपेट में आने का खतरा है। 81.5 करोड़ बच्चों पर लीड प्रदूषण के संपर्क में आने का खतरा है, जबकि 60 करोड़ बच्चे वेक्टर जनित रोगों के संपर्क में हैं। यही नहीं करीब 92 करोड़ बच्चे पानी के गंभीर संकट का सामने करने को मजबूर है वहीं 100 करोड़ से ज्यादा बच्चों पर वायु प्रदूषण का खतरा मंडरा रहा है।</div>