अधिकारी के कक्ष में लगे दो-दो ताले

भोपाल : हाईकोर्ट जबलपुर के एक आदेश  परिपालन में दो आईएफएस अधिकारी भिड़ गए. माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश पर याचिकाकर्ता वन संरक्षक हरिशंकर मिश्रा को राजधानी परियोजना वन मंडल कार्यालय पहुंचे और कार्य प्रभार ग्रहण करने संबंधी सूचना सीसीएफ भोपाल को लिखित दी. इसकी भनक लगते ही जंगल महकमे के एक वरिष्ठ अफसर ने राजधानी परियोजना वन मंडल कार्यालय में मिश्रा के बैठने पर सख्त एतराज जताते हुए भोपाल वन संरक्षक आलोक पाठक सख्त स्वर में सवाल किया कि वे कैसे ऑफिस में बैठ गए? इसके बाद मिश्रा ने अपने कक्ष ताला जड़ा और बंगले निकल गए. बाद में उसी कक्ष में वन संरक्षक भोपाल ने एक और ताला जड़ दिया. इसके चलते विवाद ने तूल पकड़ लिया.

हुआ यह कि वरिष्ठ अधिकारियों को अभयदान कर जूनियर आईएफएस से वर्किंग प्लान बनाने संबंधित शासन के आदेश को राजधानी परियोजना इकाई वन मंडल सीएफ हरिशंकर मिश्रा ने हाईकोर्ट जबलपुर में चुनौती दी. मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने आदेश जारी किया कि 45 दिन में निराकरण करें और तब तक वह भोपाल में रहेंगे. इस आदेश के पालन में ही राजधानी परियोजना वन मंडल इकाई से स्थानांतरित हरिशंकर मिश्रा सोमवार को दोपहर एक बजे दफ्तर पहुंचे और अपनी कक्ष में बैठकर सीसीएफ को जॉइनिंग लेटर का पत्र लिखा. कार्यभार ग्रहण करने संबंधित मिश्रा के पत्र मिलते ही वन संरक्षक कार्यालय भोपाल हरकत में आया और फिर जूनियर अधिकारी के जरिए मिश्रा को कक्षा से निकलने का आग्रह किया. मिश्रा कार्यालय से निकलते ही अपने कक्ष को लॉक कर दिया. इसके बाद  वन संरक्षक भोपाल की ओर से कक्ष में एक और ताला जड़ दिया गया. जंगल में के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ. इसके लिए पीसीसीएफ मुख्यालय के परिश्रम व अफसर जवाबदेह, जिन्होंने वर्किंग प्लान सिवनी के लिए स्थानांतरित मिश्रा के अभ्यावेदन पर निर्णय नहीं किया.

 मिश्रा के आदेश से ही बनी विवाद की स्थिति

जंगल महकमे ने राजधानी परियोजना वन मंडल इकाई भोपाल में पदस्थ वन संरक्षक हरिशंकर मिश्रा के लिए दो ट्रांसफर आदेश जारी किए. पहला ट्रांसफर आदेश में मिश्रा की प्रतिनियुक्ति से सेवाएं लेते हुए वन संरक्षक अनुसंधान विस्तार सिवनी पदस्थ करने का आदेश जारी किया. दिलचस्प पहलू यह है कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय से मिश्रा को वर्किंग प्लान सिवनी में पदस्थ करने संबंधित प्रस्ताव गया था. इस प्रस्ताव को मंत्रालय में कैसे संशोधित कर अनुसंधान विस्तार सिवनी करने आदेश जारी हुआ. जब वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने प्रमुख सचिव वन अशोक वर्णवाल का ध्यान आकृष्ट कराया तब संशोधन आदेश जारी हुआ. संशोधन आदेश में मिश्रा की पदस्थापना वर्किंग प्लान सिवनी के पद पर की गई है.

 8 को ही मिश्रा के कार्यभार कर लिया गया था एज्यूम

मिश्रा के नई पदस्थापना आदेश के 15 दिन बाद वन बल प्रमुख आरके गुप्ता के निर्देश पर वन संरक्षक भोपाल आलोक पाठक ने उनका कार्यभार एज्यूम कर लिया. इस बीच मिश्रा ने अपने स्थानांतरण आदेश के खिलाफ विभाग के मुखिया को अभ्यावेदन दिया. अपने आवेदन में मिश्रा ने सवाल उठाए कि वरिष्ठ अधिकारियों को वर्किंग प्लान से छूट क्यों दी गई? जब इस पर निर्णय नहीं हुआ तब उन्होंने उच्च न्यायालय जबलपुर का दरवाजा खटखटाया. उच्च न्यायालय ने सुनवाई कर शासन को 45 दिन में हरिशंकर मिश्रा के अभ्यावेदन पर उचित कारण बताते हुए निराकरण करने के आदेश दिए. इसके पहले भी कटनी डीएफओ रमेश विश्वकर्मा भी वर्किंग प्लान के आदेश को चुनौती दे चुके हैं.

इनका कहना:

हरिशंकर मिश्रा, वन संरक्षक, के द्वारा जो पर्यावरण वन मंडल कार्यालय के आवक जावक रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज ले गए थे. वह सोमवार रात में बड़े बाबू वीरेंद्र बघेल को दे दिया है. साथ ही अपने चेंबर की चाबी भी वीरेंद्र बघेल बड़े बाबू को दे दी गई है.