आने वाले साल में अपनी साख बनाने के लिए आपको नई स्किल्स पर फोकस करना होगा। इस साल जहां तकनीक में और नए बदलाव देखने को मिलेंगे, वहीं आपकी कुशलता ही करियर में आगे की ओर ले जाएगी।
इसी तरह यदि आप एंटरप्रेन्योर हैं तो प्रतिस्पर्धी मार्केट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं ऑटोमेशन के चलते टिके रहने के लिए आपको एम्प्लॉइज की स्किल्स पर फोकस करना होगा। एक अलग एम्प्लॉयमेंट ब्रांड तैयार करना होगा।
एम्प्लॉयमेंट ब्रांड की पॉजिटिव इमेज बनाकर आप नए टैलेंट को आकर्षित कर सकते हैं
सबसे पहले वर्कप्लेस कल्चर पर ध्यान दें।
आप अच्छे टैलेंट को तभी आकर्षित कर सकते हैं, जब आप वर्कप्लेस कल्चर पर ध्यान देंगे। वर्कप्लेस का कल्चर अलग-अलग संस्कृति का सम्मान करने वाला और एम्प्लॉइज के लिए फ्लेक्सिबल एवं पॉजिटिव होना चाहिए।
साथ ही जब आप किस एम्प्लॉई को हायर करें तो उनसे कल्चर से संबंधित प्रश्न कर सकते हैं। एक स्टडी से सामने आया कि टैलेंट को आकर्षित करने के लिए यह जरूरी है कि एम्प्लॉइज को कंपनी का मिशन स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही करियर अपॉर्च्युनिटी के बारे में भी पता होना चाहिए।
पर इस साल टैलेंट पर करें फोकस..
आज के समय में लगभग सभी वर्कप्लेस पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं ऑटोमेशन को देखा जा सकता है। इसलिए आपको यह विचार करना होगा कि किस तरह से इन्हें ऑर्गेनाइज किया जा सकता है।
वर्कप्लेस का कल्चर ऐसा बनाए, जहां लर्निंग और नए बदलाव को स्वीकार किया जाता हो। एम्प्लॉइज में नई क्वालिटिज को विकसित करने के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स रखे जाने चाहिए। बिजनेस को आगे ले जाने के लिए डेवलपमेंट स्ट्रेटेजी बनानी होगी। भविष्य में किन स्किल्स का महत्व होगा, उनके लिए अभी से प्लान बनाएं और समय-समय पर एम्प्लॉइज को ट्रेनिंग देते रहें।
-कैंडिडेट के पास हो अनुभव,
-वर्कप्लेस ट्रेनिंग भी है जरूरी,
-पॉजिटिव हो वर्कप्लेस,
-रिक्रूटमेंट प्रयास को बढ़ाएं,
इसमें कोई शक नहीं है कि अब नए एम्प्लॉई फ्लेक्सिबिलिटी और रिमोट वर्क को महत्व देते हैं। इसलिए इस ओर ध्यान देना भी आवश्यक है तभी आप नए टैलेंट को आकर्षित कर सकते हैं।
साथ ही एम्प्लॉइज को भी एंगेज रखा जा सकता है। अपने एम्प्लॉइज को सप्ताह में कुछ दिन रिमोट वर्क की सहूलियत दी जा सकती है। इस तरह एम्प्लॉइज की ऑफिस में अनुपस्थिति को भी कम किया जा सकता है। इस तरह आप कंपनी मिशन की ओर तेजी से बढ़ेंगे।
हालांकि आजकल नई तकनीक के आने से वर्कप्लेस पर एम्प्लॉइज की संख्या कम की जा रही है लेकिन यदि आप रिक्रूटमेंट पर फोकस करते हैं तो आप बिजनेस को नई पहचान दे सकते हैं। दरअसल, जो काम कोई व्यक्ति प्रभावी तरीके से कर सकता है उसे मशीनों से उतना प्रभावी नहीं बनाया जा सकता है। इसलिए कस्टमर सर्विस, मार्केटिंग, डिजिटल वर्क आदि के लिए कुशल लोगों को हायर करने पर फोकस करें।
कैंडिडेट से आजकल कंज्यूमर-लेवल अनुभव की उम्मीद रखी जाती है। यह अनुभव कस्टमर्स के साथ स्ट्रांग रिलेशन बनाने का काम करेगा। इसके अलावा आप उन कैंडिडेट को कंपनी से जोड़ सकते हैं, जो अपने कार्यों में कुशल हो।
यदि आप फ्रेशर्स को हायर करने जा रहे हैं तो ध्यान दें कि उन्होंने अपने क्षेत्र विशेष में इंटर्नशिप कर रखी हो। आपको नए कैंडिडेट को आज के प्रतियोगी मार्केट के अनुसार तैयार करने में समय नहीं लगेगा।
एम्प्लायर ब्रांड...
एक स्टडी से सामने आया कि 75 फीसदी जॉब सीकर्स आवेदन करने से पहले एम्प्लॉयर ब्रांड पर विचार करते हैं। इसलिए अच्छे एम्प्लॉयर की इमेज बनाना बहुत महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया और प्रोफेशनल नेटवर्क किसी अन्य व्यक्ति के रिव्यू पर फोकस करें।
साथ ही एम्प्लॉइज के अवॉर्ड, सर्टिफिकेशन आदि को भी शेयर करें।इस तरह आपकी पॉजिटिव इमेज बनेगी और एम्प्लॉई एंगेजमेंट बढ़ेगा।