अक्सर युवा कम पढ़ाई लिखाई को लेकर चिंतित होते हैं, लेकिन एजुकेशन सफलता की गारंटी नहीं है। आप किसी वजह से एजुकेशन पूरा नहीं कर पाए, आपके पास सही डिग्री नहीं है या अच्छे इंस्टीट्यूट से आप नहीं पढ़े हैं तब भी आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। एडुकेट लोग हमेशा करियर में सक्सेसफुल हो जरूरी नहीं। ऐसे लोग कम नहीं हैं जो बहुत पढ़े लिखे हैं लेकिन सफलता से कोसों दूर हैं।
इसी तरह से ऐसे बहुत लोग हैं जो कम पढ़े लिखे हैं लेकिन सफलता उनके कदम चूमती है। लाइफ सही डिसीजन से चलती है।
ईश्वर ने मनुष्य को प्रारब्ध भोगने को बाध्य किया है, जो किया है भुगतना होगा। लेकिन मनुष्य को ईश्वर ने स्वतंत्र इच्छा शक्ति भी दी है। इस स्वतंत्र इच्छा शक्ति के कारण व्यक्ति कोई भी निर्णय ले सकता है। उसके निर्णय ही उसकी भविष्य की बुनियाद बनते हैं। कई लोग ऐसे हैं जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं है लेकिन सही डिसीजन के कारण सफल हैं। दुनिया जिन्हें अनफिट मानती थी अपनी लाइफ में वह पूरी तरह फिट हैं।
ऐसा क्यों हुआ? क्योंकि उन्होंने सही समय पर सही निर्णय लिया। सही समय पर सही निर्णय लेना ही सफलता की बुनियाद होती है। सही निर्णय लेने के बाद व्यक्ति को अपने डर को बाहर निकाल कर आगे बढ़ना होता है।
हमें आसपास के लोग डराते हैं, चिंतित करते हैं। हमारे डर को कई तरह से बढ़ाने की कोशिश की जाती है। यह कहा जाता है कि आप पढ़े लिखे नहीं तो आप सक्सेस नहीं हासिल कर पाएंगे, वही डर हमारे अंदर बैठ जाता है।
जब हम पढ़ाई लिखाई में फिसड्डी साबित होते हैं तो सोचते हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते, लेकिन तब भी बहुत कुछ करने की संभावनाएं बनी रहती हैं| पढ़ाई लिखाई से व्यक्ति सिर्फ करियर में सक्सेसफुल हो सकता है।
आप पढ़े-लिखे नहीं हैं और आपका व्यक्तित्व अच्छा है, आपका कृतित्व अच्छा है आप के उद्देश्य अच्छे हैं तो पढ़े-लिखे ना होकर भी आप अपने समाज और देश के लिए अपनी भूमिका साबित कर सकते हैं। ऐसे बहुत से काम है जिनमें बहुत ज्यादा पढ़ाई लिखाई की जरूरत नहीं होती।
कई बार तो कम पढ़े-लिखे लोग अपनी नेतृत्व क्षमता के कारण पढ़े लिखे लोगों पर राज करते हुए देखे जाते हैं। तो डर को बाहर निकालें, और जीवन संवारें।