कई बार हम दुविधा में होते हैं कि क्या वाकई उस इंसान के साथ आगे बढ़ना चाहिए, जिसे डेट कर रहे हैं। दुविधा की इस स्थिति से बाहर निकलने की जितनी कोशिश करते हैं, उतने ही कंफ्यूज हो जाते हैं। अगर आप भी इसी पशोपेश में हैं तो जानिए ऐसे 10 संकेत जो बताएंगे कि आपका रिश्ता कितना सीरियस है।
एक-दूसरे की प्राथमिकता:
अगर आप एक-दूसरे को प्रायोरिटी की तरह ट्रीट करते हैं तो यह स्पष्ट संकेत है, आपका प्यार गंभीरता वाले स्टेज में पहुंच चुका है। आप दोनों ने एक-दूसरे को प्राथमिकता बनाया ही नहीं है, बल्कि समय-समय पर जाहिर भी करते रहते हैं।
संग समय बिताते हैं:
यदि आपके दिमाग में हमेशा एक-दूजे के संग समय बिताने का विचार चल रहा हो तो यह पॉजिटिव संकेत है। समय बिताने का मतलब सिर्फ साथ होने को न लें, अगर आप लोग एक-दूसरे का साथ एन्जॉय करते हो तब मामला पूरी तरह से साफ है।
आर्थिक बात के लिए सहज रुपए-पैसे का मामला ऐसा है, जिस पर बात करने से अक्सर लोग बचते हैं। इस विषय पर एक भी गलत कदम रिश्ता बिगाड़ सकता है। अगर आप रुपए-पैसे की बात सहजता से कर लेते हैं तो समझिए प्यार के मामले में सही जगह निवेश किया है।
सारी योजनाएं डिस्कस करना:
भले ही अनिवार्य न हो, पर हर बात पर पार्टनर की सलाह लेना, हर योजना उसके साथ डिस्कस और हर बात उससे शेयर करना संकेत है कि पार्टनर की सलाह आपके लिए बहुत मायने रखती है। इस तरह राय लेना रिश्ते को दो तरफा मजबूत कर देता है।
एक-दूसरे का सपोर्ट सिस्टम रिश्ते में होने का मतलब केवल साथ में अच्छे पल बिताना ही नहीं है, बल्कि उससे भी ज्यादा जरूरी है बुरे समय में पार्टनर का साथ देना। जब साथी को जरूरत हो तब उसे संबल देना बताता है कि रिश्ता लंबी दूरी तय करने के लिए तैयार है।
एक-दूसरे के परिवार को जानना लोगों को बस कहने के लिए 'हाय, हेलो' कहना और उनके बारे में जानना दो विभिन्न बातें हैं। जब पार्टनर के साथ आपका रिश्ता अच्छा होता है, तब आप उसके अंतरंग सर्कल यानी क्लोज फ्रेंड्स और परिवार के लोगों को भी जानने लगते हैं।
फ्यूचर प्लान में पार्टनर को रखना:
जब हम अपने फ्यूचर प्लान में किसी को शामिल करने लगें तो यह जानिए कि यह रिश्ता फ्यूचर के लिहाज से अच्छा है। अब फ्यूचर के बारे में सोचना मतलब शादी करना या साथ रहने के बारे में ही सोचना नहीं होता है, उसमें दूसरी बातें भी शामिल होती हैं।
संघर्षों की दास्तां साझा करना जब हम किसी से मिलते हैं तो शुरू में ही अपने संघर्ष की कहानी नहीं बताते, उसके लिए किसी के साथ कम्फर्ट का लेवल होना चाहिए। यदि आप दोनों संघर्ष के दिनों की कहानी बेझिझक एक-दूसरे को बताएं तो आप कम्फर्टेबल रिश्ते में हैं।
उनसे बात किए बिना चैन नहीं:
खुद से पूछिए, क्या आप एक भी दिन उनसे बात किए या उन्हें मैसेज भेजे बिना गुजार सकते हैं? अगर जवाब हो 'हां' तो समझो इस रिश्ते को पकने के लिए और समय चाहिए। अगर उत्तर में दिल कहे, 'ना' तो समझिए दिल सही जगह लगा है।
अच्छी खबर पहले उन्हें देना:
जब आपके पास कोई अच्छी खबर है, तब अंगुलियां अपने आप उनके नंबर पर घूम जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनसे आपको भावनात्मक सहारा मिलता है। जो इंसान भावनात्मक सहारा हो, उसके साथ जिंदगी बिताने का ख्याल बुरा नहीं होता।