सेल्फी का क्रेज युवाओं बढ़ता जा रहा है। वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन में दावा किया गया है कि दूसरों द्वारा खींची हुई तस्वीरें अपलोड करने वाले लोग अधिक आत्मविश्वासी और सफल होते हैं। 

जबकि, सोशल मीडिया पर लगातार सेल्फी पोस्ट करने का कि इंसान नई चीजों यह और नए अनुभव महसूस करने के लिए तैयार नहीं है। शोधकर्ता प्रोफेसर क्रिस बैरी ने बताया कि अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों को सामान्य तस्वीरें पोस्ट करने वालों के सेल्फी पोस्ट करने वाले ज्यादा असुरक्षित असफल और नकारात्मक लगे।

बड़ी उम्र के लोगों को लगी नकारात्मक:

अध्ययन में पता चला कि दूसरों द्वारा खींची गई फोटो अपलोड करने वाले लोग ज्यादा कॉन्फिडेंट, खुले स्वभाव वाले, सफल और भरोसेमंद होते है। यहाँ शीशे के सामने सेल्फी लेने वाले नेगेटिव दिखे। बैरी कहते हैं, हमारे अध्ययन का शुरुआती मकसद लोगों के सेल्फी लेने और उनके घमंडी स्वभाव के बीच में संबंध का पता लगाना था। हालांकि इसके नतीजों ने स्टडी को दिशा ही बदल डाली।

अध्ययन के बाद हमने जाना कि अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल से लोग भले ही खुश रहते हों, लेकिन लोगों की इनके बारे में राय दूसरी है। दूसरे ग्रुप के प्रतिभागी अलग जितनी ज्यादा उम्र के थे, उन पहले ग्रुप वालों की सेल्फी ज्यादा नकारात्मक लगी। हम यह तो नहीं कह सकते कि सेल्फी लवर्स इसके बाद सेल्फी पोस्ट करना बंद कर देंगे, लेकिन एक बार पोस्ट करने से पहले इसके बारे में सोचेंगे जरूर

इंस्टाग्राम तस्वीरों का विश्लेषण के आधार पर किया दावा:

इस अध्ययन में कॉलेज स्टूडेंट्स को शामिल किया गया था और उन्हें दो ग्रुपों में बांटा गया। पहले ग्रुप में अंडर ग्रेजुएट स्टूडेंट्स थे। उन्हें एक प्रश्नावली भरने को दी गई और उनकी 30 इंस्टाग्राम पोस्ट का विश्लेषण किया गया। 

दूसरे ग्रुप में भी 119 यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स थे और उन्हें पहले ग्रुप के प्रतिभागियों की इंस्टाग्राम तस्वीरों पर आत्मविश्वास, सफलता और बहुमुखी स्वभाव के आधार पर रेटिंग करने को कहा गया।