दिल्ली एमसीडी चुनाव के बाद आज दिल्ली को अपना नया मेयर मिलने वाला था लेकिन अब मामला खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान आप और बीजेपी के नेता  आपस में भिड़ गए और जमककर बवाल किया । 

एलजी वीके सक्सेना द्वारा 10 एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर आप और बीजेपी के पार्षद शुक्रवार को नवनिर्वाचित दिल्ली नगर निगम हाउस की पहली बैठक शुरू होने पर आपस में भिड़ गए। बैठक की शुरुआत भाजपा पार्षद सत्या शर्मा को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी के रूप में शपथ दिलाने के साथ हुई।

इसी दौरान एमसीडी सिविक सेंटर में शपथ ग्रहण समारोह से पहले आप और बीजेपी के पार्षद वेल में घुस गए और नारेबाजी की। आप के निर्वाचित पार्षदों के समक्ष पीठासीन अधिकारी एवं भाजपा पार्षद सत्या शर्मा ने मनोनीत भाजपा सदस्यों को शपथ दिलाना शुरू किया तो आप पार्षदों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी द्वारा नगर निकाय में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के एक महीने बाद आज दिल्ली को अपना अगला मेयर मिलना था।
आप ने शीर्ष पद के लिए भाजपा की शालीमार बाग पार्षद रेखा गुप्ता के खिलाफ शैली ओबेरॉय को मैदान में उतारा है।

इसे लेकर बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि राजधानी में मेयर के चुनाव से पहले आप सदन में हंगामा कर रही है। उन्होंने कहा, "जब वे बहुमत में हैं तो डर क्यों रहे हैं? आप सांसद राज्यसभा में भी ऐसा ही करते हैं। उन्हें मतदान की अनुमति देनी चाहिए।"

वहीं आप नेता संजय सिंह ने ट्वीट करके कांग्रेस और बीजेपी को एक साथ घेरने की कोशिश की है उनका कहना है, कि "बीजेपी चुनाव में हार गई थी, इसलिए सदन में गुंडागर्दी का सहारा ले रही है। आम आदमी पार्टी के दो बार के पार्षद प्रवीण कुमार पर सदन के अंदर बीजेपी सदस्यों ने हमला किया। कांग्रेस की इसमें बीजेपी के साथ मिलीभगत है।" 

भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा कि आप मेयर चुनाव प्रक्रिया में बाधा डाल रही है क्योंकि उसे अपने पार्षदों पर भरोसा नहीं है और वह चुनाव हार गई है। तीन बार सत्ता में रहने के बाद निकाय चुनाव हारने वाली भाजपा ने दावा किया है कि वह मेयर का पद जीतेगी। दलबदल विरोधी कानून नागरिक निकाय पर लागू नहीं होता है और पार्षद भाजपा के मेयर का चुनाव करने के लिए मतदान कर सकते हैं।