MP News: मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक जज के ड्राइवर से कार छीनकर वाइस चांसलर को अस्पताल ले जाने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के दोनों छात्र नेताओं को जमानत मिल गई है. ग्वालियर हाईकोर्ट ने हिमांशु श्रोत्री और सुकृत शर्मा को सोमवार (18 दिसंबर) के दिन जमानत दे दी.

दरअसल, ये पूरी घटना 10 दिसंबर रात की हैं. जब दिल्ली में हुए एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन से ये दोनों छात्र ट्रेन में बैठकर ग्वालियर आ रहे थे. तभी एक विश्वविद्यालय के कुलपति की अचानक ट्रेन में तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद छात्रों ने उन्हें बचाने के लिए ग्वालियर पहुंचने से पहले ही मुरैना स्टेशन से एंबुलेंस को कॉल कर दिया था. 

हालांकि, ग्वालियर स्टेशन पर कोई एंबुलेंस नहीं मिली. स्टेशन पर उतरने के बाद भी छात्रों ने लंबे समय तक एंबुलेंस का इंतजार किया. आख़िरकार, एंबुलेंस नहीं आई तो छात्र हिमांशु श्रोत्री और सुकृत शर्मा ने पोर्च में खड़ी एक कार में प्रोफेसर रणजीत सिंह को लिटाया और अस्पताल ले गए. 

इसके बाद गाड़ी पर मौजूद ड्राइवर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि छात्रों जबरन गाड़ी छीनकर भाग गए. मामला सुर्ख़ियों में आया तो पता चला कि वह गाड़ी एक जज की थी. इसके बाद पुलिस ने डकैती का मामला दर्ज कर छात्रों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था.

कुल मिलाकर कुलपति की जान बचाने के चक्कर में छात्रों को सात दिनों तक जेल की हवा खानी पड़ गई. अब इस केस में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर एक पहलू का खुलासा हो, इसके लिए सीआईडी जांच के निर्देश भी जारी कर दिए हैं.

बता दें कि आज सुबह ही हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में इन छात्रों की जमानत याचिका लगाई गई थी. जिस पर सुनवाई में हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मानवीय संवेदना के आधार पर दोनों छात्र नेताओं को जमानत दे दी है.