सुंदरता बढ़ाने के लिए बाजार में आने वाले साधन और उत्पाद हममें से हर एक का मन मोहते हैं। खास बात यह है कि इनके उपयोग के साथ सावधानी और सतर्कता भी रखी जाए। वरना सुंदरता बढ़ाने की जगह यह स्वास्थ्य से खिलवाड़ भी कर सकते हैं। जानिए ऐसी ही कुछ सावधानियों के बारे में, एक्रिलिक नेल्स के संदर्भ में।
हाथों की सुंदरता में इजाफा करने के लिए कृत्रिम या एक्रिलिक नाखूनों को लगाना अच्छा विकल्प है, खासकर किसी विशेष आयोजन या त्योहार के समय। लेकिन इसको लगाते या वापस निकालते समय सतर्कता रखने की आवश्यकता होती है। साथ ही यह भी कोशिश की जानी चाहिए कि इनका प्रयोग लगातार न किया जाए क्योंकि इससे भी असली नाखूनों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए कुछ खास बातों को हमेशा ध्यान में रखें। जैसे
• सबसे पहली बात तो यह कि हमेशा किसी विशेषज्ञ से ही इन नाखूनों को लगवाएं और ऐसी जगह पर लगवाएं जहां हाइजीन का पूरा ध्यान रखा जाता हो।
• यदि आप पहले से नाखून संबंधी किसी चोट या संक्रमण से जूझ रही हों तो इस विकल्प को अपनाने से पहले डॉक्टर से पूछ लें। कोशिश करें कि इस स्थिति में कृत्रिम नाखूनों का विकल्प न चुनें।
नकली नाखूनों को लगाते समय पहले आपके असली नाखूनों की सतह को खुरदुरा होने तक फॉइल किया जाता है या खुरचा जाता है। इससे असली नाखून पतले और कमजोर हो जाते हैं और उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में यदि आपके नाखून पहले से ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका हो जाती है। • कृत्रिम नाखूनों को लगाते समय प्रयोग में लाए जाने वाले पदार्थों में मौजूद केमिकल्स नाखूनों के आसपास की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इनका प्रयोग 'सावधानी से करें।
आर्टिफिशियल नाखूनों को निकालने के लिए आपको अपनी अंगुलियों को या तो एसीटोन में डुबोना पड़ता है या नाखूनों को फॉइल करना पड़ता है। इससे भी नाखूनों की क्वॉलिटी पर असर पड़ सकता है।
यदि आप लंबे समय (कुछ हफ्तों से अधिक समय के लिए) इन नाखूनों को लगा रही हैं तो आपको हर दो-तीन दिन में इन पर कोटिंग करनी होगी ताकि ये सुरक्षित रहें।
एक्रिलिक नेल्स के स्थान पर 'सोक ऑफ जेल नेल्स' का विकल्प अधिक समझदारी भरा हो सकता है। लचीले होने की वजह से जैल नेल्स आपके प्राकृतिक नाखूनों को कम नुकसान पहुंचाते हैं।
ऐसे सैलून का चयन करें जहां 'एलईडी क्योरिंग लाइट' का
प्रयोग किया जाता हो बजाय 'यूवी क्योरिंग लाइट' के |
नाखूनों को ट्रिम करवाते समय क्यूटिकल्स को ट्रिम करने से बचें। क्यूटिकल्स नाखूनों की सुरक्षा के लिहाज से होते हैं और संक्रमण से बचाते हैं।
नाखूनों पर सजी कलात्मकता
एक्रिलिक या आर्टिफिशियल नेल्स का चलन पिछले कुछ समय में बहुत बढ़ा है। युवतियां हों या महिलाएं, सभी इन्हें पसंद कर रही हैं। ये नेल्स वे साधन हैं जो प्राकृतिक नाखूनों की सुंदरता को कृत्रिम तरीके से बढ़ाते हैं इन्हें प्राकृतिक नाखूनों पर चिपकाया जाता है और इस तरह नाखूनों पर मनपसंद आकृति, रंग या कलात्मकता के नमूने सजाए जा सकते हैं। इसके लिए नेलपेंट से लेकर एडहेसिव, बीड्स, डायमंड, मोती आदि का प्रयोग किया जाता है। इन्हें लगाने से लेकर निकालने तक के लिए प्रयोग किए जाने वाले साधनों में कई प्रकार के केमिकल्स शामिल होते हैं।