भोपाल: आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी जबलपुर में अभी पैरामेडिकल प्रवेश घोटाले का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब एकेडमिक कैलेंडर घोषित नहीं करने परीक्षा टाइम टेबल बार-बार निरस्त करने के मुद्दे को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव और नियंत्रक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. छात्रों ने गुरुवार यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन कर कुलसचिव पुष्पराज सिंह बघेल और नियंत्रक सचिन कुचिया को बर्खास्त करने की मांग की है.

 

आंदोलनरत मप्र छात्र संघ के अध्यक्ष अभिषेक पांडे ने बताया कि विश्वविद्यालय स्थापना के पश्चात आज दिनांक तक एकेडमिक कैलेंडर घोषित नहीं किया गया, जो विश्वविद्यालय के अक्षम नियंत्रक की कार्यकारिणी को दर्शाता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी द्वारा नर्सिंग मेडिकल के सत्र 2018-19, 2019-20 और 2020-21 की संबद्धता सत्र समाप्त होने के पश्चात वर्ष 2022 में नियम विरुद्ध प्रदान यह गया.

यही नहीं निजी महाविद्यालयों केअनुमति दी गई है. आंदोलन कर रहे छात्रों द्वारा कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि नर्सिंग पैरामेडिकल महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों का नामांकन करने में भी अनियमितता की जा रही है.

छात्रों का यह भी कहना है कि यूनिवर्सिटी द्वारा किसी भी छात्र की परीक्षा निर्धारित समय पर नहीं कराई जा रही है. परीक्षा आवेदन में 2 से 3 वर्ष का विलंब किया जा रहा है. संबद्धता एवं नामांकन में विलंब करके परीक्षा तिथियों को 2 वर्ष बाद घोषित किया जाता है.  छात्र संघ ने उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर कुलसचिव परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है.

डॉक्टर सचिन कुचिया, परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि 2020 में कोविड-19 संबद्धता पिछड़ गई है. इसको ट्रैक पर लाने के लिए हर 6 महीने में परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है. अगले सवा साल में शैक्षणिक कैलेंडर पटरी पर आ जाएगी. जब हम यूनिवर्सिटी में आए तब 10 महीने का बैक लॉक था जो घटकर अब 4 महीने का रह गया है.