प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 16 जुलाई को लोकार्पित बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के जालौन के बाद अब बांदा और इटावा में भी धंसने की खबर है। लोकार्पण के छठवें दिन शुक्रवार को एक्सप्रेस-वे बांदा और इटावा में भी धंस गया। इटावा में चित्रकूट से आने वाली लेन पर किलोमीटर संख्या 288 से 296 के बीच छह स्थानों पर सड़क के किनारे बारिश में बह गए।
इससे पहले पहले जालौन में एक्सप्रेस वे के धंसने की ख़बर सामने आई थी। इसके चलते जगह-जगह इसकी मरम्मत कराई जा रही है। इस तरह स्थिति में इसकी गुणवत्ता पर भी अब सवाल उठ खड़े हो रहे हैं।
ये हैं भाजपा के तथाकथित नवीनतम विकास के नवीनतम खंडहर! बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे की ये जो दरार है दरअसल ये भाजपा का भ्रष्टाचार है। जनता को नफ़रत की राजनीति में झोंक कर विकास के नाम पर आटे तक पर वसूले जा रहे पैसों से क्या ऐसा ही विकास होगा।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 22, 2022
कारवाँ ठहर गया… वो सरकारें तोड़ते रहे… pic.twitter.com/6lhMmBcZVv
मोदी जी के कर-कमलों से शुरू हए बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का छठवां दिन, जालौन के बाद बांदा और इटावा में भी धंसा....!
— Srinivas BV (@srinivasiyc) July 23, 2022
लगता है 2024 में मोदी जी की विदाई के पहले ही पूरा एक्सप्रेस-वे पाताल में समा जाएगा। pic.twitter.com/3i8B8b9gw1
बांदा में मवई से हथौड़ा तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी में दोनों लेन पर 10 जगहों से किनारे की मिट्टी बह जाने से एक्सप्रेस-वे धंस गया। वहीं सड़क और पुल पर आठ से 10 जगह दरारें भी आ गई।
एक्सप्रेसवे पर दरार आने और सड़क धंसने की सूचना पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी (यूपीडा) के अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में आवागमन बंद कराकर मरम्मत शुरू करा दी है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट से शुरू होकर इटावा के कुदरैल के पास आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से जोड़ा गया है।
296 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जुलाई को जालौन के कैथेरी गांव में किया था। लोकार्पण के तुरंत बाद एक्सप्रेस वे के धंसने की ख़बरों से इसकी गुणवत्ता और यहां से गुजरने वाले राहगीरों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।