भोपाल: प्रदेश की 259 कृषि उपज मंडी समितियों की भूमि का आवंटन या किराये पर देने की कार्यवाही ई-नीलामी के जरिये ही हो सकेगी। इसके लिये 17 साल पहले बने मप्र कृषि उपज मंडी भूमि एवं संरचना का आवंटन नियम 2009 में बदलाव कर दिया गया है तथा नये प्रावधान 18 जून 2026 के बाद प्रभावशील हो जायेंगे। पहले यह प्रावधान नहीं था। 

उल्लेखनीय है कि मंडी समिति की किसी भूमि या संरचना का आवंटन केवन कृषि उपजों के विपणन में सहायक यथा दुकान, दुकान सह गोदाम, गोदाम, भाण्डागार, शीतगाार, शेड, वे-ब्रिज, प्लेटफार्म, चबूतरा, शौचालय, पैट्रोल/डीजल पम्प, विश्रामगृह, कैन्टीन, मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला तथा क्लीनिक स्थापित करने के लिये किया जा सकता है। स्थाई आवंटन 30 वर्षों के लिये होगा जबकि किराये पर तीन साल हेतु आवंटित होगा जिसे आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। यह ई-नीलामी पोर्टल के मध्यम से की जायेगी। इसके लिये आफसेट प्राईज भी तय की जायेगी। ई-नीलामी के जरिये भूमि लेने वाले व्यक्ति पर गोदाम कर्मचारी के रुप में कार्य करने पर अब प्रतिबंध भी नहीं रहेगा।