भोपाल: राज्य शासन ने 1989 बैच के आईएफएस को प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. यही नहीं राज्य शासन ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि 31 मई 23 के बाद की स्थिति में रिक्त पदों पर ही पीसीसीएफ पद पर आईएफएस को पदोन्नति दी जा सकेगी. यानी 89 बैच के आईएफएस अधिकारी विश्राम सागर शर्मा, भागवत सिंह और आलोक दास के प्रमोशन पर ग्रहण लग गया है. प्रमोशन उम्मीद समाप्त होने से 89 बैच के एक आईएफएस अधिकारी डिप्रेशन में दिखाई देने लगे हैं.
वन विभाग में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) चितरंजन त्यागी अगले महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उनकी सेवानिवृत्ति को देखते हुए वन बल प्रमुख आरके गुप्ता ने 1989 बैच को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक से प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोट करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा. इस प्रस्ताव के मुताबिक 89 बैच के एपीसीसीए विश्राम सागर शर्मा, एपीसीसीएफ भागवत सिंह और एपीसीसीएफ आलोक दास को पीसीसीएफ के पद पर प्रमोट करने का प्रस्ताव था.
विभाग के प्रस्ताव को राज्य शासन ने यह तर्क देते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया कि 31 मई 23 के बाद की स्थिति में रिक्त पदों पर ही पीसीसीएफ पद पर आईएफएस को पदोन्नति दी जा सकेगी. शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व में प्रधान मुख्य वन संरक्षक के 4 पद अस्थाई तौर पर प्रमोट किए गए थे, उनके रिटायरमेंट के साथ ही पीसीसीएफ के पद समाप्त कर दिए जाएंगे.
अस्थाई तौर पर ही 1988 बैच के राजेश कुमार यादव अमिताभ अग्निहोत्री प्रमोद कुमार सिंह और रमेश श्रीवास्तव को पीसीसीएफ के पद पर पदोन्नत किया गया था. इनमें से रमेश कुमार श्रीवास्तव जून 22 को रिटायर हो गए. जबकि राजेश कुमार यादव अक्टूबर 24, अमिताभ अग्निहोत्री जून 23 और पीके सिंह जनवरी 65 को रिटायर होंगे.
पदोन्नति के लिए एक और प्रयास-
राज्य शासन द्वारा प्रस्ताव लौटाने के बाद 89 बैच के आईएफएस अधिकारियों की वन बल प्रमुख आरके गुप्ता के साथ बैठक हुई. इस बैठक में यह तय किया गया कि विभाग की ओर से एक और प्रयास किए जाएं. यानी प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर प्रमोट करने के लिए प्रस्ताव भेजे जाएं. इसकी जिम्मेदारी सत्ता के गलियारों में दखल रखने वाले एपीसीसीएफ महेंद्र सिंह धाकड़ को सौंपी गई है.
आईएफएस एसोसिएशन ने अपने प्रस्ताव में दूसरे राज्यों में दिए गए प्रमोशन का उल्लेख किया है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यूपीएससी ने भी साफ कर चुका है कि अस्थाई तौर पर पीसीसीएफ के 4 पद के रिटायरमेंट के बाद ही प्रमोशन दिए जा सकते हैं.
सूत्रों ने बताया कि राज्य शासन द्वारा एसोसिएशन का दूसरा प्रस्ताव भी खारिज किया जा सकता है. प्रमोशन की नाउम्मीदी के बाद से 89 बैच के अधिकारी और अवसाद में नजर आ रहे हैं. विभाग ने उनकी क्षमता से अधिक उन्हें दो-दो शाखाओं का प्रभार दे रखा है. इसके कारण उनकी कार्यशैली में चिड़चिड़ापन है और कर्मचारी परेशान हो रहें है.