समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी की मध्यप्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के सभी जिलाध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्षों समेत 10 लोकसभा प्रभारियों को भी तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। 

मध्यप्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने के फैसले को लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। लोकसभा प्रभारी बनाए जाने के बाद से पार्टी के भीतर मतभेद सामने आए हैं। मध्यप्रदेश की पूरी कार्यकारिणी को भंग करने के पीछे भी यही कारण बताया जा रहा है। 

अब आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन कर सकती है। इसे समाजवादी पार्टी की आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा फैसला माना जा रहा है। अब पार्टी मध्यप्रदेश में नए चेहरों पर भरोसा जता सकती है। 

मध्यप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में सपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई थी। सपा ने मध्य प्रदेश में 59 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।  वहीं कांग्रेस से सीटों के समझौते को लेकर भी सपा के मतभेद खुलेआम सामने आये थे।